कई इलाकों में भू-जल पीने योग्य नहीं, 30 दिन में समाधान का अल्टीमेटम

नवभारतटाइम्स.कॉम

फरीदाबाद और गुड़गांव में भूजल पीने लायक नहीं बचा है। बंधवाड़ी लैंडफिल से निकलने वाला जहरीला कचरा और बिना उपचारित सीवेज पानी को दूषित कर रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरियाणा वॉटर रिसोर्स अथॉरिटी को 30 दिन में समस्या का समाधान करने का आदेश दिया है। इस प्रदूषित पानी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।

faridabad gurgaon groundwater not potable 30 day ultimatum for solution

n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद

हरियाणा के फरीदाबाद, गुड़गांव और आसपास के इलाकों में गहराते जल प्रदूषण के संकट पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने कड़ा रुख अपनाया है। फरीदाबाद की जन कल्याण समिति की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बोर्ड ने हरियाणा वॉटर रिसोर्स अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि 30 दिनों के भीतर समस्या का ठोस समाधान कर स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाए।

बंधवाड़ी लैंडफिल बना संकट का केंद्र : जन कल्याण समिति के जनरल सेक्रेटरी पंकज ग्रोवर के अनुसार, गुड़गांव स्थित बंधवाड़ी कचरा डंप से निकलने वाला जहरीला लीचेट अरावली के जंगलों में रिसकर भूजल को प्रदूषित कर रहा है। इसके अलावा बिना उपचारित सीवेज सीधे नालों में बहाया जा रहा है, जो आगे नदियों को दूषित कर रहा है।

भूजल में खतरनाक तत्वों की पुष्टि : समिति द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई इलाकों में भूजल पीने योग्य नहीं रह गया है। जांच में यूरेनियम, आर्सेनिक, फ्लोराइड और नाइट्रेट जैसे हानिकारक तत्व तय मानकों से कई गुना अधिक पाए गए हैं। खासकर फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्र यूरेनियम प्रदूषण के लिहाज से देश के गंभीर प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हो गए हैं। इस प्रदूषित पानी के सेवन से नागरिकों में कैंसर, गुर्दे की विफलता, हड्डियों की विकृति और बच्चों में मानसिक विकास की कमी जैसी गंभीर बीमारियां देखी जा रही हैं । जन कल्याण समिति के जनरल सेक्रेटरी पंकज ग्रोवर ने बताया कि यह स्थिति किसी काफी गंभीर है, जहां करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद प्रशासन और नगर निगम प्रदूषण रोकने में विफल रहे हैं।

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