सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे 2300 घर, बिल की टेंशन खत्म

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गुड़गांव के साइबर सिटी में सौर ऊर्जा की क्रांति आ गई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 2300 से अधिक घरों में सोलर पैनल लग चुके हैं। इससे लोगों के बिजली बिल लगभग शून्य हो गए हैं। पटौदी सोलर हब बन गया है।

2300 homes lit by solar energy bill worries end impact of pm surya ghar yojana

n तरुण तायल, गुड़गांव

साइबर सिटी की छतों पर अब सिर्फ डिश एंटीना नहीं, बल्कि सोलर पैनलों का जाल बिछने लगा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत शहर के सर्कल-1 में सौर ऊर्जा की क्रांति ने रफ्तार पकड़ ली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 3 हजार 749 लोगों ने सोलर पैनल के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 2 हजार 330 घरों में कनेक्शन सुचारू रूप से चालू हो चुके हैं। ये वे परिवार हैं जिनका बिजली बिल नाममात्र का रह गया है।

पटौदी डिवीजन इस समय सोलर हब बनकर उभरा है। यहां सबसे अधिक 1 हजार 892 आवेदन मिले, जिनमें से 1 हजार 139 घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। वहीं सिटी डिविजन में भी लोगों ने खासी दिलचस्पी दिखाई है। यहां कुल 1 हजार 195 आवेदकों में से 744 घरों को सौर ऊर्जा ग्रिड से जोड़ दिया गया। मानेसर की बात करें तो वहां भी 662 आवेदनों में से 447 कनेक्शन रिलीज किए जा चुके हैं। सब-डिविजन स्तर पर फर्रुखनगर 429 कनेक्शनों के साथ सबसे आगे है, न्यू कॉलोनी में 148 और कादीपुर में 226 घरों में पैनल लगाया जा चुका है।

पेंडेंसी खत्म करने पर जोर: रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि विभाग ने निरीक्षण की प्रक्रिया को बेहद तेज कर दिया है। पूरे सर्कल में अब केवल 8 ऐसे मामले हैं, जहां निरीक्षण लंबित है। हालांकि, 376 आवेदन ऐसे भी हैं जहां उपभोक्ताओं ने अभी तक वेंडर का चयन नहीं किया है। विभाग इन उपभोक्ताओं से संपर्क साध रहा है ताकि वे जल्द से जल्द वेंडर चुनकर इंस्टॉलेशन का काम पूरा करवा सकें।

DHBVN के प्रवक्ता संजय चुघ ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना को लेकर उपभोक्ताओं में भारी उत्साह है। हम लगातार वार्ड स्तर पर और आरडब्ल्यूए (RWA) के साथ बैठक कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य शहर को एक ग्रीन सिटी बनाना है। सोलर अपनाने से न केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिल शून्य हो रहे हैं, बल्कि ग्रिड पर पड़ने वाला लोड भी कम हो रहा है। जो लोग अभी भी वेंडर चुनने या प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं, उनकी सहायता के लिए विशेष डेस्क बनाई गई है ताकि अधिक से अधिक घरों को 'फ्री बिजली' के दायरे में लाया जा सके

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