US-ईरान तनाव और तेल के दामों के कारण बाजार में हलचल तेज !

नवभारतटाइम्स.कॉम

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल के दामों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार को सहारा मिल सकता है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी अहम होंगी। बड़े बैंकों और आईटी कंपनियों के नतीजे निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

us iran tension and oil prices intensify stock market volatility focus on quarterly results

NBT रिपोर्ट, मुंबईः इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा तय करने में अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री गतिविधियां भी बाजार के रुख को प्रभावित करेंगी। अब ईरान के साथ अमेरिका की जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीद और गिरते क्रूड ऑयल के दाम बाजार को सहारा दे सकती है।

जानकारों का कहना है कि अगर ईरान-अमेरिका के बीच तनाव को कम करने के लिए अगले दौर की बातचीत शुरू होने की उम्मीद का माहौल बनता है तो तनाव कम होने की खबरों से शेयर बाजार के सेंटिमेंट सुधरने की उम्मीद हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को तेल सप्लाई के अहम समुद्री मार्ग हॉर्मूज स्ट्रेट के खुलने की खबरों से ब्रेंट क्रूड करीब 10% सस्ता होकर 90 डॉल प्रति बैरल पर आ गया है। शेयर बाजार पर भी इसका असर दिखा। गिफ्ट निफ्टी 250 अंक चढ़कर बंद हुआ।

घरेलू मोर्चे पर निवेशकों का ध्यान कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर रहेगा। इन नतीजों से कंपनियों की कमाई और आगे के कारोबार की स्थिति का अंदाजा लगेगा।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार की दिशा तय करने में कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे अहम भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीना का कहना है कि इस सप्ताह बाजार की सबसे बड़ी दिशा तय करने वाली चीज कंपनियों के तिमाही नतीजों की भरमार होगी। इसके साथ ही अमेरिकी मैक्रो आर्थिक डेटा और वैश्विक हालात भी बाजार की चाल पर असर डालेंगे।

इसके अलावा, विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई की ट्रेडिंग गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगी। अगर विदेशी निवेशकों की खरीद या बिकवाली बढ़ती है तो उसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर दिख सकता है।

ब्रोकरेज फर्म रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी अजीत मिश्रा के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच घोषित संघर्ष विराम 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में इस पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भू-राजनीतिक तनाव फिलहाल सबसे अहम ट्रिगर बना हुआ है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेश माहौल पर पड़ता है।

शेयर बाजार में इस हफ्ते निवेशकों की नजर सबसे पहले देश के बड़े प्राइवेट बैंकों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञ मिश्रा के अनुसार, शुरुआत में एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गजों के परिणामों पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। इसके बाद एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, हैवेल्स, इंडसइंड बैंक और श्रेयराम फाइनेंस जैसी कई बड़ी कंपनियां अपने नतीजे जारी करेंगी।

रेकमेंडेड खबरें