यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज का ड्राफ्ट जारी, मांगे सुझाव

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उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए ‘यूनिफाइड बिल्डिंग रेगुलेशंस 2026’ का मसौदा जारी किया है। आम जनता, विशेषज्ञों और उद्योगों से सुझाव मांगे गए हैं। इस नई नीति से प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। गुजरात, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तरह विकास का लक्ष्य है।

draft of unified building bylaws released in up suggestions invited industrial development to get new momentum

n NBT रिपोर्ट, नोएडा

यूपी सरकार ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए ‘यूनिफाइड बिल्डिंग रेगुलेशंस 2026 ’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस संबंध में ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने सूचना जारी करते हुए आम जनता, विशेषज्ञों, उद्योगों और डिवेलपर्स से सुझाव मांगे हैं। प्रदेश के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में इस एक समान पॉलिसी को लागू किया जाएगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी तीनों प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक अथॉरिटी हैं जिसके चलते यहां इस नई पॉलिसी का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। इन्वेस्ट यूपी ने सभी से अपील की है कि वे अपने सुझाव और फीडबैक देकर इस ड्राफ्ट को और मजबूत बनाने में सहयोग करें। सुझाव देने के लिए एक ऑनलाइन लिंक भी जारी किया गया है। सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, ड्राफ्ट के प्रकाशन की तिथि से 15 दिनों के भीतर सुझाव भेजे जा सकते हैं। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर अंतिम नियमावली तैयार की जाएगी।

इस नई पॉलिसी में क्या है खास

प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरण अभी तक अपनी जरूरत के अनुसार बिल्डिंग बायलॉज बनाकर काम करते रहे हैं। प्राधिकरणों के अलग-अलग बिल्डिंग बायलॉज से कई बार मुश्किलें होती हैं। बताया जा रहा है कि इन बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव का मकसद प्रदेश को गुजरात, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों व शहरों को सिंगापुर-हॉन्गकॉन्ग की तरह विकसित करने का है। ग्राउंड कवरेज की सीमा खत्म करने का भी इनमें प्रावधान है। इससे उद्योगों को फायदा होगा। निर्माण क्षेत्र बढ़ जाएगा। फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) भी कई गुना बढ़ाए जाने का प्रावधान है। ग्रुप हाउसिंग के लिए करीब तीन गुना एफएआर किए जाने का प्रावधान इस नई पॉलिसी में है।

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