n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने रविवार को स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनियों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। स्मार्ट मीटर के कामों की समीक्षा बैठक करते हुए उन्होंने कहा कि मीटर लगाने वाली कंपनियों ने अपना काम ईमानदारी और निष्ठा से नहीं किया। इसका खमियाजा जनता भुगत रही है। जब तक उपभोक्ताओं को शत प्रतिशत संतुष्टि न हो जाए तब तक इन्हें एक नया पैसा भी भुगतान न किया जाए।
हमारे अभियंता के पास ही बैठें मीटर कंपनियों के कर्मचारी : मंत्री ने कहा कि मीटर काटने और जोड़ने का पूरा काम मीटर लगाने वाली कंपनियों के पास है। वे दूर बैठते हैं। हमारे अभियंताओं की नहीं सुनते। कभी पैसा जमा होने के दो घंटे बाद, कभी चार घंटे बाद और कभी छह घंटे बाद ये कनेक्शन जोड़ते हैं। इनके बैठने का प्रबंध हमारे मुख्य अभियंता के आसपास ही किया जाए ताकि वे सीधे तौर पर बात कर सकें और इनके काम की निगरानी कर सकें। उपभोक्ताओं की समस्या बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिपोर्ट आने तक पुराने मीटर बदलने की प्रक्रिया पर रोक : ऊर्जा मंत्री ने विशेष रूप से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा में निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित तकनीकी समिति जब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती और उसकी जांच नहीं हो जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी।
लागू होगी 5 स्तरीय एमएमएस अलर्ट प्रणाली : उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए 5-स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके तहत बैलेंस 30 प्रतिशत होने पर पहला, 10 प्रतिशत पर दूसरा, बैलेंस समाप्त होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पूर्व चौथा और डिस्कनेक्शन के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा। जागरूकता के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश भी ऊर्जा मंत्री ने दिए।


