n NBT न्यूज, गुड़गांव
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने नकली दवाओं के काले कारोबार के खिलाफ अपनी जांच के घेरे को और कड़ा कर दिया है। शनिवार रात शहर में हुई छापेमारी के दौरान नकली एंटी डायबिटिक मोनजारो इंजेक्शन की 70 लाख रुपये की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी ने ये इंजेक्शन बनाने के लिए चीन से रॉ मटीरियल मंगाने की बात भी कबूली थी। वहीं, इस मामले के तार अब कई राज्यों से जुड़ रहे हैं। मुख्य आरोपी अवि शर्मा फिलहाल 5 दिन की रिमांड पर है। उससे पूछताछ में अधिकारियों को इस सप्लाई चेन से जुड़े कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं।
अधिकारियों ने मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी मुख्य आरोपी अवि शर्मा के संदिग्ध ठिकानों पर अपनी नजर बनाए रखी। जांच दल को अंदेशा है कि यह नेटवर्क केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। FDA की टीम का पूरा फोकस अब उस डिलिवरी रूट को ट्रैक करने पर है, जिसके जरिए ये नकली दवाएं बाजार में खपाई जा रही थीं। पूछताछ के दौरान टीम को उन संभावित डिस्ट्रीब्यूटर्स और मेडिकल स्टोर्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जहां इन दवाओं की खेप भेजी गई थी।
जांच को भेजे गए हैं सैंपल, जल्द आएगी रिपोर्ट : इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू जब्त किए गए मोनजारो इंजेक्शन हैं। वजन घटाने और डायबिटीज के लिए इस्तेमाल होने वाले इन महंगे इंजेक्शन के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं। लैब रिपोर्ट यह साफ करेगी कि दवाएं पूरी तरह से नकली थीं या उनमें कोई हानिकारक रसायनों की मिलावट थी। रिपोर्ट मिलते ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी धाराओं को और अधिक सख्त किया जाएगा।





