बच्ची की लाइलाज़ बीमारी से परेशान पूरे परिवार ने दी जान

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कुरुक्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक परिवार ने अपनी तीन साल की बेटी की लाइलाज बीमारी से तंग आकर जान दे दी। पति, पत्नी और मासूम बेटी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। यह घटना सोमवार सुबह की है।

family in distress from incurable disease commits suicide daughter killed first then parents committed suicide

NBT न्यूज कुरुक्षेत्र

जिले में सोमवार को परिवार के तीन सदस्यों ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी 3 साल की मासूम बेटी शामिल हैं। बच्ची की गंभीर बीमारी से परेशान होकर माता-पिता ने यह कदम उठाया। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दंपती पहले से ही सुसाइड का दिन चुन रखा था। 18-20 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था। इस सुसाइड नोट में जतिंद्र ने अपने जीजा, दोस्त और डिपार्टमेंट को पेज पर फ्लैग लगाकर मैसेज दिया था। जब परिवार को यह मैसेज मिला, तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश सैनी के मुताबिक, सबसे पहले दंपती ने बेटी अद्विका को फांसी लगाई, फिर पिता और मां ने सुसाइड किया।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे सुभाष मंडी चौकी को सूचना मिली कि प्रेम नगर कॉलोनी के एक घर में तीन लोगों ने फांसी लगा ली है।जब दरवाजा खोला गया तो पति, पत्नी और उनकी छोटी बच्ची तीनों पंखे से लटके हुए मिले।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि जतिंद्र कुमार के पिता महेंद्र सिंह पंजाब पुलिस से ASI रिटायर्ड थे। महेंद्र सिंह की करीब 6 महीने पहले ही मौत हो चुकी है। उनके परिवार में सिर्फ मां बिमला देवी बची हैं। साथ ही एक भाई प्रतीक भी है, जो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कनाडा में रहता है। जतिंद्र के जीजा अमित ने बताया कि शादी के बाद बेटी अद्विका का जन्म हुआ। करीब 6 महीने बाद पता चला कि अद्विका की एक्टिविटी दूसरे बच्चों के जैसी नहीं हैअमित ने बताया कि बीमारी का पता चलने के बाद दोनों ने बेटी का दिल्ली, अमृतसर और चंडीगढ़ में इलाज करवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इससे दोनों बेटी को लेकर काफी परेशान रहते थे। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के दौरान अद्विका के ब्रेन में पानी मिला है।