IDFC मामले में 200 से ज्यादा अवैध ट्रांजेक्शन

नवभारतटाइम्स.कॉम
IDFC मामले में 200 से ज्यादा अवैध ट्रांजेक्शन

NBT न्यूज, चंडीगढ़

आईडीएफसी बैंक से जुड़े 590 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में कई खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान एजेंसी को 200 से अधिक संदिग्ध लेनदेन जांच के दायरे में आए हैं। सीबीआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक गबन की गई भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने लिए चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया है। सीबीआई ने सोमवार को पंचकूला की सीबीआई की विशेष कोर्ट में छह आरोपियों को पेश किया। इस दौरान मुख्य आरोपी रिभव ऋषि का तीन दिन का अतिरिक्त रिमांड मांगा गया, लेकिन कोर्ट ने उसे दो दिन की ही मंजूरी दी। वहीं अन्य पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ को आगे बढ़ा रही है।

इस मामले में नायब सरकार पहले ही दो आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर चुकी है। पांच आईएएस अधिकारियों के तबादले कर चुकी है। कई मामलों में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना ही खातों में सरकारी धन जमा किया गया। यह प्रक्रिया स्थापित वित्तीय नियमों के विपरीत रही। सीबीआई ने मंगलवार को अदालत को बताया कि धन के दुरुपयोग की पूरी कड़ी अभी सामने आनी बाकी है। डिजिटल डेटा, व्हाट्सऐप चैट और अन्य दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि पैसा किन-किन लोगों तक पहुंचा।