पीटीआई, नई दिल्ली : Apple को दुनिया की सबसे कीमती कंपनियों में से एक बनाने वाले टिम कुक ( Tim Cook ) 15 साल तक CEO रहने के बाद अब अपना पद छोड़ रहे हैं। 1 सितंबर को वह कंपनी की कमान जॉन टर्नस ( John Ternus ) को सौंप देंगे। कुक का Apple से करीब 30 साल पुराना नाता रहा है।
कुक का सफर: 1998 से अब तक: टिम कुक 1998 में Apple से जुड़े थे। शुरुआत में उन्होंने बिक्री और ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाली। साल 2009 में जब कंपनी के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स बीमार हुए, तब कुक ने ही रोजमर्रा का कामकाज संभालना शुरू किया। साल 2011 में जॉब्स की मौत से कुछ महीने पहले कुक को आधिकारिक तौर पर सीईओ बनाया गया।
ग्रोथ के आंकड़े: कुक के नेतृत्व में Apple ने जबरदस्त तरक्की की। 2011 में जब उन्होंने कमान संभाली, तब Apple की सालाना कमाई 108.25 बिलियन डॉलर थी, जो अब बढ़कर 416.1 बिलियन डॉलर हो गई है। मार्केट वैल्यू भी 376 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4 लाख करोड़ डॉलर (4 ट्रिलियन डॉलर) के पार पहुंच गई है। यह करीब 20 गुना की बढ़त है। कुक के दौर में Apple 1 लाख करोड़ डॉलर की वैल्यू वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी थी। Nvidia के बाद Apple दुनिया की दूसरी सबसे कीमती कंपनी है।
सफलता और नए प्रोडक्ट्स: कुक के समय में आईफोन, आईपैड और मैक जैसे पुराने प्रोडक्ट्स तो हिट रहे ही। साथ ही उन्होंने Apple वॉच और एयरपॉड्स जैसे नए गैजेट्स भी लॉन्च किए। इसके अलावा, उन्होंने Apple पे, Apple टीवी और Apple म्यूजिक जैसी सर्विस शुरू करके कंपनी का दायरा बढ़ाया। इन सबको Apple के सॉफ्टवेयर (macOS और iOS) के साथ इस तरह जोड़ा गया कि ग्राहकों को एक शानदार अनुभव मिले।
चुनौतियां और असफलताएं: कुक के कार्यकाल में सब कुछ अच्छा ही रहा, ऐसा नहीं है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक कार बनाने के अपने प्रोजेक्ट 'टाइटन' को फरवरी 2024 में बंद कर दिया। इस पर 10 बिलियन डॉलर (करीब 83 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा खर्च हुए थे। 'विजन प्रो' हेडसेट को भी ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। मांग कम होने की वजह से 2026 की शुरुआत में इसका प्रोडक्शन रोकना पड़ा। 2012 में Apple मैप्स की गड़बड़ियों के लिए भी कुक को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी।





