7 अप्रैल को घोषित किया गया दो हफ्तों का युद्धविराम बुधवार को खत्म हो रहा है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने का फाइनल ऐलान हो जाता है, तो अर्थव्यवस्था की चिंताएं खत्म हो जाएंगी। शांति समझौता पक्का होते ही बाजार की यह तेजी लंबे समय तक बनी रह सकती है। उम्मीद है कि इस शांति समझौते से कच्चे तेल के दाम गिरेंगे। अगर ऐसा होता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के सामने खड़ी सबसे बड़ी मुसीबत दूर हो जाएगी। क्योंकि जब तेल महंगा होता है, तो सामान बनाने की लागत बढ़ जाती है जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ता है।





