पढ़ाई पूरी करने से पहले कॉलेज छोड़ रहे छात्र

नवभारतटाइम्स.कॉम
alarming rise in college dropout rate students leaving studies mid way
nNBT न्यूज, गुड़गांव

शहर के सरकारी कॉलेजों में इस बार ग्रैजुएशन कोर्सों के दूसरे वर्ष में दाखिलों में करीब 30 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। कॉलेजों का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्र पहले वर्ष के बाद पढ़ाई छोड़ रहे हैं या फिर अन्य कोर्सों और रोजगार की ओर रुख कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत ग्रैजुएशन का पहला वर्ष पूरा करने वाले छात्रों को सर्टिफिकेट, दूसरा वर्ष पूरा करने पर डिप्लोमा और तीन वर्ष पूरे होने पर डिग्री व चार वर्ष का कोर्स पूरा करने पर रिसर्च डिग्री देने का प्रावधान है। पहले वर्ष के बाद मिलने वाले सर्टिफिकेट के लिए भी छात्र आवेदन करने में खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही ह।
प्रिंसिपलों का कहना है कि पहले वर्ष के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले कई छात्र न तो सेकंड ईयर में प्रवेश ले रहे हैं और न ही एनईपी के तहत मिलने वाले सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर रहे हैं। इससे ड्रॉपआउट का वास्तविक आंकड़ा भी बढ़ रहा है। शिक्षाविदों का मानना है कि आर्थिक कारण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, नौकरी और दूसरे प्रफेशनल कोर्सों की ओर बढ़ता रुझान भी ड्रॉपआउट की प्रमुख वजहें हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन छात्रों को दोबारा जोड़ने और सर्टिफिकेट योजना के प्रति जागरूक करने के प्रयास कर रहा है। यदि छात्रों को समय पर काउंसलिंग और करियर मार्गदर्शन मिले, तो ड्रॉपआउट की दर कम की जा सकती है और उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाया जा सकता है।