RTE की फीस प्रतिपूर्ति समय-सीमा के दायरे में लाएं सरकार:HC

नवभारतटाइम्स.कॉम
bombay hc strict on rte fee reimbursement delay directs government to set deadline
Krishna.Shukla@timesofindia.com

g मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने RTE ( शिक्षा का अधिकार ) के तहत स्कूलों की फीस प्रतिपूर्ति में लगातार हो रही देरी पर सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों के फीस रीइम्बर्समेंट (फीस की भरपाई) को समय-सीमा के दायरे में लाया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बच्चों की मुफ्त शिक्षा का उद्देश्य कमजोर पड़ सकता है।
कोर्ट ने कहा कि आरटीई में उन निजी स्कूलों की भागीदारी भी कमजोर पड़ सकती है, जो बिना सरकार की मदद के चल रही है। लिहाजा सरकार फीस प्रतिपूर्ति की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करें। साथ ही फीस रीइम्बर्समेंट के लिए समयबद्ध प्रणाली विकसित करें। अदालत ने इस विषय पर सरकार को वित्त विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमिटी गठित करने का सुझाव दिया, जो वर्ष 2026 के अंत तक रिपोर्ट प्रस्तुत करे। यह निर्देश कोर्ट ने ओम एजुकेशन सोसायटी और अन्य स्कूलों की अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।

आरोप: प्रतिपूर्ति समय पर जारी नहीं की: स्कूलों ने आरोप लगाया था कि 26 मार्च के कोर्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार ने लगभग 3.65 करोड़ रुपये की लंबित प्रतिपूर्ति समय पर जारी नहीं की, लेकिन सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने आश्वस्त किया कि बकाया राशि चार सप्ताह के अंदर यानी 4 सितंबर तक जारी कर दी जाएगी।