संवाद से निकले समाधान

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solutions from dialogue between students and government demand for improvement in examination system
11 अगस्त का संपादकीय ‘बेहतर सिस्टम चाहिए’ पढ़ा। दिल्ली का जंतर-मंतर हो या झारखंड में विधान सभा का घेराव, छात्रों और सरकार के बीच का टकराव कभी किसी के हित में नहीं हो सकता है। अगर इस तरह होता रहा तो व्यवस्था से छात्रों का विश्वास दिन-प्रतिदिन कम होता जाएगा। केंद्र और राज्यों की सरकारों को चाहिए कि वे आंदोलनकारी छात्रों से संवाद में तेजी लाएं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में दमनकारी नीति का कोई भी स्थान नहीं है। ये छात्र हमारे देश के भविष्य हैं। उनकी मांग के अनुसार परीक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी है। छात्रों को भी चाहिए कि वे संवाद पर भरोसा करें और सरकार के साथ मिलकर समाधान का रास्ता तलाशें।

वारिस अली खान, ईमेल से