Stephen Hawking Beyond The Body The Great Scientist Who Understood The Universe
शरीर से बड़ा विचार
नवभारतटाइम्स.कॉम•
ब्लैक होल और ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझने में स्टीफन हॉकिंग के योगदान ने विज्ञान की दुनिया को नई दिशा दी। 1963 में, महज 21 वर्ष की उम्र में उनको मोटर न्यूरॉन डिजीज (ALS) का पता चला। डॉक्टरों ने बताया कि बीमारी धीरे-धीरे उनके शरीर को निष्क्रिय कर देगी और उनका जीवन बहुत छोटा हो सकता है। लेकिन, हॉकिंग ने इसे अंत नहीं, एक नई शुरुआत बना दिया। धीरे-धीरे उनका शरीर उनका साथ छोड़ता गया। चलना और बोलना मुश्किल हुआ और 1985 में सांस की गंभीर समस्या के बाद उनकी बोलने की क्षमता भी चली गई। बाद में कंप्यूटर आधारित संचार प्रणाली उनकी आवाज बनी। शरीर भले ही सीमित होता गया, लेकिन उनका दिमाग ब्रह्मांड की अनंत सीमाओं को तलाशता रहा। 1974 में उन्होंने हॉकिंग विकिरण की अवधारणा दी। 1988 में उनकी पुस्तक ' A Brief History of Time ' ने जटिल ब्रह्मांडीय विज्ञान को आम पाठकों तक पहुंचाया। वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संदेश आज भी जीवित है, ‘परिस्थितियां शरीर को रोक सकती हैं, विचारों को नहीं।’