'आदेशों की अनदेखी कर रहे DIOS'

नवभारतटाइम्स.कॉम
high courts strict stance on dios fear of contempt for ignoring orders
nNBT रिपोर्ट, प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रधानाचार्य पद के वेतन भुगतान से जुड़े मामलों में जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा बार-बार गलत आदेश पारित किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने इसे गंभीर और अवमाननापूर्ण करार दिया है।

याची स्मित तिवारी के अधिवक्ता ने बताया कि पहले अदालत ने वीरेश चंद्र मिश्रा प्रकरण में तय कानून के आधार पर डीआईओएस को याची को प्रधानाचार्य पद का बकाया व वर्तमान वेतन तीन माह में देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद डीआईओएस-2, कानपुर नगर ने सिंगल जज के पुराने फैसले के आधार पर आदेश पारित कर दिया, जिसे स्पेशल अपील में पहले ही संशोधित किया जा चुका था। अदालत ने कहा कि उसके सामने ऐसे कई मिलते-जुलते मामले आ रहे हैं, जहां विभिन्न डीआईओएस निर्देशों के बावजूद गलत आदेश जारी कर रहे हैं। इससे पहले प्रमोद कुमार व अन्य मामले में भी अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को हलफनामा दाखिल करने को कहा था और सुनील कुमार मिश्रा मामले में भी इस मुद्दे पर संज्ञान लिया था। अदालत ने निर्देश दिया है कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्ट करें कि अधिकारी अदालत के आदेशों की अवहेलना क्यों कर रहे हैं।