विकसित भारत में मैन्युफैक्चरिंग की भूमिका अहम: नीति आयोग

नवभारत टाइम्स
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NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : नीति आयोग ने गुरुवार को कहा कि भारत को साल 2045 तक मैन्युफैक्चरिंग के लिए दुनिया का एक बड़ा ठिकाना बनने के लिए ठोस रणनीति अपनाने की जरूरत है। आयोग ने कहा कि इसके लिए प्रतिस्पर्द्धा करने की क्षमता बढ़ाने के साथ इनोवेशन और बड़े पैमाने पर उत्पादन पर जोर लगाना होगा, साथ ही ग्लोबल वैल्यू चेंस से जुड़ाव मजबूत करना होगा। रिपोर्ट जारी करते हुए आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक लाहिड़ी ने कहा, 'देश विकसित भारत के विजन की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में मैन्युफैक्चरिंग की भूमिका अहम हो गई है।'

रिपोर्ट में कहा गया कि केमिकल्स, टेक्सटाइल्स, टेलीकॉम एंड नेटवर्क इक्विपमेंट और सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग ऐसे चार ऐसे सेक्टर हैं, जिनमें भारत रफ्तार बढ़ा सकता है। इन चारो सेक्टरों में एक कॉमन थीम यह है कि इन सभी में भारत के पास कुछ खास तरह की बढ़त हासिल है। मसलन, इनमें भारत के पास एक बड़ा देसी बाजार है, आबादी में युवाओं की अधिक संख्या है, नीतिगत माहौल बेहतर हो रहा है, इंफ्रा में निवेश बढ़ रहा है और इन सेक्टरों से जुड़े उद्योग सप्लाई चेन के डायवर्सिफिकेशन पर भी जोर दे रहे हैं।