वैश्विक चुनौतियों के बीच बंपर निर्यात

Contributed byनई दिल्ली,Akhilesh.Singh1|नवभारतटाइम्स.कॉम
वैश्विक चुनौतियों के बीच बंपर निर्यात
नई दिल्ली : पेट्रोलियम उत्पादों, इंजीनियरिंग गुड्स और इलेक्ट्रॉनिक्स की चीजों का निर्यात बढ़ने के साथ जुलाई में कुल एक्सपोर्ट सालभर पहले के इसी महीने के मुकाबले 19.63% बढ़कर 44.24 बिलियन डॉलर का रहा। निर्यात में इससे पहले किसी महीने में इससे ज्यादा बढ़ोतरी जून 2022 में हुई थी, जब 30.12% की ग्रोथ हुई थी। वहीं, कच्चे तेल का आयात बढ़ने के साथ कुल इंपोर्ट भी 17.52% बढ़कर 76.22 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। इसके चलते व्यापार घाटा 31.98 बिलियन डॉलर के साथ 6 महीनों के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। हालांकि खास बात यह रही कि ईरान-अमेरिका की लड़ाई से बने हालात के बावजूद पश्चिम एशिया को निर्यात बढ़ा। यह 8.62% बढ़कर 5.7 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिका, सिंगापुर, चीन, साउथ अफ्रीका और तंजानिया जैसे देशों को निर्यात बढ़ा।

आयात-निर्यात के आंकड़े जारी करते हुए कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के साथ इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और समुद्री उत्पादों का निर्यात बढ़ने से ओवरऑल एक्सपोर्ट को सपोर्ट मिला। वहीं, निर्यातकों के संगठन FIEO के प्रेसिडेंट एस सी रल्हन ने कहा, 'ग्लोबल लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में लगातार रुकावटों और ज्यादा ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के बावजूद रिकॉर्ड निर्यात हासिल करना यह बताता है कि निर्यातकों में जटिल होते ग्लोबल ट्रेडिंग माहौल में तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता है। हालांकि लॉजिस्टिक्स, लिक्विडिटी, MSME और मार्केट डायवर्सिफिकेशन पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है।'
पश्चिम एशिया को निर्यात: अग्रवाल ने कहा कि वेस्ट एशिया को निर्यात अब पहले जैसा हो गया है। मोटे तौर पर वेस्ट एशिया को हर महीने करीब 6 बिलियन डॉलर का निर्यात होता रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद मार्च में यह घटा था। अप्रैल के बाद इसमें सुधार आना शुरू हुआ। जुलाई में UAE को एक्सपोर्ट 10.15% बढ़कर 3.3 बिलियन डॉलर रहा। सऊदी अरब को निर्यात 2.73% घटकर 76.37 करोड़ डॉलर रहा।

सोने-चांदी का हाल: जुलाई में कच्चे तेल का आयात 17.64% बढ़कर 18.31 बिलियन डॉलर का रहा। कुल आयात में इसका करीब 24% हिस्सा रहा। वहीं, कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाने का असर सोने-चांदी के आयात पर दिखा। गोल्ड इंपोर्ट 4.77% ही बढ़ा और 4.16 बिलियन डॉलर का रहा। सिल्वर इंपोर्ट 66.1% घटकर 17.17 करोड़ डॉलर पर आ गया। हालांकि अप्रैल-जुलाई पीरियड में गोल्ड इंपोर्ट सालभर पहले से 32.41% बढ़कर 15.17 बिलियन डॉलर पर रहा। चांदी का आयात इस दौरान 50.81% घटकर 71.84 करोड़ डॉलर रहा।