आयोग का फैसला, 16 साल बाद 3.57 करोड़ की आरसी

नवभारतटाइम्स.कॉम
16 years later commissions verdict rc of 357 crore issued grip tightened on service centers arbitrariness
n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा

गाड़ी ठीक न करने और दूसरी गाड़ी को अवैध रूप से जब्त करने के 16 साल पुराने मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने मैसर्स कॉनसेप्ट ऑटो मोबाइल पर बड़ा शिकंजा कसा है। आयोग ने सर्विस सेंटर की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए 3 करोड़ 57 लाख 42 हजार रुपये की आरसी जारी की है और जिलाधिकारी को इस रकम की रिकवरी के निर्देश दिए हैं।
ग्रेटर नोएडा के डाढा गांव निवासी मदन सिंह भाटी ने वर्ष 2011 में नोएडा सेक्टर-2 स्थित मैसर्स कॉनसेप्ट ऑटो मोबाइल से दो नई गाड़ियां खरीदी थीं। इनमें से एक गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसे मरम्मत के लिए सेक्टर-62 स्थित वर्कशॉप भेजा गया। कंपनी ने पार्ट्स न होने का बहाना बनाकर महीनों गाड़ी रोके रखी और वर्ष 2012 में 3 लाख रुपये का बिल थमा दिया, जिसे देने से पीड़ित ने इनकार कर दिया। इसके बाद जब मदन सिंह अपनी दूसरी गाड़ी में आई खराबी को ठीक कराने पहुंचे, तो कंपनी प्रबंधन ने पुराना बकाया न मिलने तक उसे भी लौटाने से मना कर दिया। पीड़ित ने इस दादागिरी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। वर्ष 2022 में स्टेट कमीशन ने मदन सिंह के हक में फैसला सुनाया। इसके खिलाफ कंपनी प्रबंधन ने 15 अप्रैल 2026 को नेशनल कमीशन और फिर 14 जून 2026 को हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन दोनों जगह याचिकाएं खारिज हो गईं।