सरकारी धन लूटने वाली फर्जी कंपनियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की कड़ी में बसपा के पूर्व एमएलसी शाहनवाज राणा भी आ गए हैं। दो दिन पहले ईडी को कई जिलों में उनके मौजूद ठिकानों पर छापेमारी करके 3.80 करोड़ रुपये नकदी बरामद करने के साथ ऐसे संदिग्ध दस्तावेज भी मिले थे। इन दस्तावेज की जांच के दौरान गाजियाबाद व नोएडा में पूर्व एमएलसी के कथित रिश्तेदारों की कई फर्जी कंपनियां मिली हैं। इन कंपनियों ने कारोबार करोड़ों में दिखाकर आईटीसी क्लेम किया। पड़ताल में मालूम हुआ कि जिस पते पर कंपनियां रजिस्टर्ड हुई हैं उस पते पर कोई कंपनी नहीं है। जीएसटी में पंजीकृत फर्जी कंपनियों के साथ लंबे समय से फर्जी बिलिंग के जरिये जीएसटी चोरी करने से जुड़े मामले की जांच के तीसरे दिन गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में पूर्व बसपा एमएलसी शाहनवाज राणा और उनके करीबी परिजनों की फर्जी कंपनियों का जखीरा मिला है। फर्जी कारोबार दिखाकर आईटीसी लेने के खेल में पूर्व एमएलसी के करीबी स्टील कारोबारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि बिना कोई सामान लिए फर्जी बिल काटकर 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' लिया गया और उसे आगे बढ़ाया गया। अभी तक जांच में पता चला कि इससे सरकारी खजाने को 27.02 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी ने फर्जी आईटीसी हासिल करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के इरादे से पहले से योजना बनाकर जाली बिल्टी (ट्रांसपोर्ट रसीदें) तैयार की थीं।