Barabankis Manoj Gave New Life To Three People By Donating Organs Hopes Awakened By Familys Decision
अपने अंगों से तीन लोगों को नया जीवन दे गए मनोज
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT न्यूज, लखनऊ : अपनों को खोने का दर्द किसी भी परिवार के लिए असहनीय होता है। इसी दुख की घड़ी में बाराबंकी के मनोज कुमार के परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिसने तीन जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) में इलाज के दौरान ब्रेन स्टेम डेथ प्रमाणित होने के बाद परिवारीजनों ने उनके अंगदान की सहमति दी।
नेफ्रॉलजी विभाग की डॉ. नम्रता ने बताया कि 37 वर्षीय मनोज को 25 अगस्त को संस्थान में भर्ती कराया गया था। मनोज को नहाते समय बिजली का झटका लगा था। उन्हें 27 अगस्त को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। ग्रीफ काउंसलर सुभाष शुक्ला और ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर बर्नाडिक्ट मिंज ने डॉ. संदीप कुमार यादव के सहयोग से मनोज के परिवारीजनों की काउंसलिंग की। परिवारीजनों की सहमति के 29 अगस्त को ऑर्गन रिट्रीवल किया गया। एक लिवर और एक किडनी SGPGI भेज दी गई, जो वहां पहले से मौजूद मरीजों को ट्रांसप्लांट की गईं। एक किडनी RMLIMS में ही फैजाबाद की 44 साल की महिला को ट्रांसप्लांट की गई। ये रहे टीम में शामिल : अंगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया को पूरा करवाने में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यूरॉलजी विभाग की टीम में डॉ. ईश्वर राम धयाल, डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. संजीत सिंह, एनेस्थीसिया से डॉ. पीके दास और डॉ. निधि शुक्ला प्रक्रिया में शामिल रहे। नेफ्रॉलजी टीम के डॉ. अभिलाष चंद्रा और डॉ. नम्रता राव ने डोनर के आवश्यक वर्कअप, अंगों की उपयुक्तता के आकलन और संभावित रिसीपिएंट्स की तैयारी पूरी करवाई।