द्वारका एक्सप्रेसवे पर सफर का शुल्क बढ़ा, सुविधाएं नहीं

नवभारतटाइम्स.कॉम•
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n NBT न्यूज, गुड़गांव

द्वारका एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के सामने इन दिनों एक बड़ा सवाल है जब आने-जाने का खर्च बढ़ रहा है तो सस्ता सार्वजनिक परिवहन आखिर कब मिलेगा? सेक्टर-102 और आसपास की सोसायटियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि इंटरसिटी मूवमेंट पर सरकारी शुल्क लगने के बाद दिल्ली की ओर रोजाना आने-जाने का खर्च करीब 50 फीसदी तक बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी सुनील सरीन के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के आसपास पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में सोसायटियां विकसित हो चुकी हैं और हजारों परिवार यहां रह रहे हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग रोजाना दिल्ली के पालम, द्वारका और आसपास के इलाकों में नौकरी या अन्य काम के लिए जाते हैं। उनके लिए नियमित और किफायती बस सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों को निजी वाहन, कैब या ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है। शुल्क बढ़ने के बाद कैब से रोजाना सफर करने वालों का मासिक खर्च भी बढ़ गया है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी मिले: निवासियों का कहना है कि केवल सड़क और एक्सप्रेसवे का निर्माण कर देने से कनेक्टिविटी पूरी नहीं होती। यहां रहने वाली आबादी के लिए बस रूट, फीडर सेवा और मेट्रो स्टेशन तक सस्ती कनेक्टिविटी भी जरूरी है। सेक्टर-102 से द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन, पालम और आसपास के प्रमुख इलाकों तक नियमित बस सेवा शुरू होने से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल सकती है। निवासियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से द्वारका एक्सप्रेसवे के प्रमुख सेक्टरों को दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट से जोड़ने के लिए बस और फीडर सेवाएं शुरू की जाएं।