Illegal Construction In Flood Zone For 16 Years Cms Strictness On Official Negligence
डूब क्षेत्र में पांच मंज़िला घर, 16 साल बंद रहीं अफसरों की आंखें
नवभारतटाइम्स.कॉम•
Shyam.Vir
@timesofindia.comn नोएडा : हिंडन और यमुना के डूब क्षेत्र में नियम-कायदे सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गए। जहां निर्माण पर रोक है, वहां चार-पांच मंजिला मकान और पूरी-पूरी अवैध कॉलोनियां खड़ी हो गईं। सालों तक प्राधिकरण और बिजली विभाग के जिम्मेदार अफसरों की नाक के नीचे यह खेल चलता रहा। अब मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद बिजली चोरी पर कार्रवाई शुरू होने से पूरे खेल की पोल खुलने लगी है। सवाल यह है कि अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के जिन अधिकारियों की थी, उन पर कार्रवाई कब होगी? बिजली चोरी रोकने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर थी, क्या उन पर भी एक्शन होगा ? जिस डूब क्षेत्र में निर्माण पर 16 साल से रोक थी, वहां चार-पांच मंजिला मकान खड़े होने तक जिम्मेदार अधिकारी आखिर कर क्या रहे थे? गौतमबुद्ध नगर में हिंडन और यमुना के डूब क्षेत्र के करीब 24 गांवों में करीब 150 अवैध कॉलोनियां बस चुकी हैं। बहलोलपुर, सोरखा, हैबतपुर, गढ़ी चौखंडी, चोटपुर, बिसरख, जलपुरा, कुलेसरा, लखनावली, शाहदरा, सफीपुर, मोमनाथलपुर और तिलवाड़ा समेत कई इलाकों में खेतों की जमीन पर प्लॉट काटकर मकान बनाए गए। देखते ही देखते कई जगह चार और पांच मंजिल तक के निर्माण खड़े हो गए।
बारिश के दिनों में यही इलाके जलभराव की चपेट में आते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ते ही घरों में पानी घुस जाता है। इसके बावजूद निर्माण पर रोक लगाने की कार्रवाई महज खानापूर्ति तक सीमित रही। प्राधिकरण कभी बुलडोजर लेकर पहुंचता है तो कुछ निर्माण तोड़ दिए जाते हैं। कुछ दिन बाद उसी इलाके में फिर निर्माण शुरू हो जाता है।