गिटार से प्रेम

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eddie van halen the inspiring story of the guitar virtuoso
26 जनवरी 1955 को नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में जन्मे एडवर्ड (एडी) वैन हेलन ऐसे परिवार में बड़े हुए, जहां संगीत जीवन का हिस्सा था। उनके पिता एक कुशल जैज पियानोवादक, सैक्सोफोन और क्लैरिनेट वादक थे। 1962 में परिवार अमेरिका के कैलिफोर्निया के पासाडेना शहर में बस गया। माता-पिता चाहते थे कि दोनों बेटे, एलेक्स और एडी शास्त्रीय पियानो सीखें। एडी ने बचपन में कई पियानो प्रतियोगितियां भी जीतीं। समय के साथ दोनों भाइयों का मन रॉक संगीत की ओर बढ़ा। एलेक्स ने गिटार उठाया, जबकि एडी ने अखबार बांटकर पैसे जोड़े और अपने लिए ड्रम-सेट खरीदा। लेकिन, जब एडी ने एलेक्स को ड्रम बजाते देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि भाई इस वाद्य में उनसे बेहतर है। उन्होंने ड्रम एलेक्स को दे दिए और खुद इलेक्ट्रिक गिटार उठा लिया। यही एक फैसला उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बन गया। घंटों अभ्यास, नई तकनीकों की खोज और अद्भुत लगन ने एडी को दुनिया के सबसे प्रभावशाली गिटारवादकों में ला खड़ा किया। उनकी प्रसिद्ध 'टू-हैंड टैपिंग' तकनीक ने रॉक संगीत की दिशा ही बदल दी। यह कहानी सिखाती है कि सही समय पर किया गया एक छोटा-सा बदलाव भी जीवन बदल सकता है।