राजस्थान में ग्रामीण विकास: सीएम भजनलाल शर्मा और शिवराज सिंह चौहान की बैठक में योजनाओं की समीक्षा

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 7 जुलाई। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने राज्य में 'विकसित भारत- जी राम जी' और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर पर हो रहे कामों के अच्छे नतीजों पर भी चर्चा की। सीएम भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि ग्राम सभा के ज़रिए कामों का चुनाव हो, पैसों का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से हो और ग्राम चौपाल के ज़रिए ग्रामीण रोज़गार, स्थायी संपत्ति और हर गांव के व्यवस्थित विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने राज्य में योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए एक-दूसरे को बधाई भी दी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राजस्थान में ग्रामीण विकास और रोज़गार पैदा करने वाले कार्यक्रम बहुत अच्छे से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास के पिरामिड मॉडल को अपनाते हुए, सबसे निचले स्तर यानी गांव और पंचायत की ज़रूरतों के हिसाब से योजनाएं लागू की जा रही हैं। ग्राम सभा के ज़रिए ग्रामीण खुद अपने इलाके में होने वाले कामों को चुन रहे हैं। इससे ऐसे स्थायी कामों को प्राथमिकता मिल रही है जो स्थानीय समस्याओं को सीधे हल करते हैं। उन्होंने 'विकसित भारत- जी राम जी' जैसी योजनाओं के तहत जारी किए गए पैसों के इस्तेमाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि योजना के लिए कुल 445 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जिनमें से लगभग 200 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दूसरी किस्त के तौर पर प्रस्तावित 180 करोड़ रुपए की राशि जल्द ही जारी की जाएगी, जब तक कि अभी जारी किए गए पैसों का सही और समय पर इस्तेमाल सुनिश्चित नहीं हो जाता।
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि राजस्थान ने 'विकसित भारत- जी राम जी' योजना को लागू करने में आगे बढ़कर काम किया है। ग्राम सभा और ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली बैठकों में यह तय किया जा रहा है कि गांव में कौन-कौन से काम होने हैं। साल भर में लगभग 12,000 करोड़ रुपए खर्च करके हर गांव का व्यवस्थित विकास करने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि इन योजनाओं से न केवल मज़दूरों को रोज़गार मिल रहा है, बल्कि जो संपत्ति बन रही है, उससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक फायदा होगा।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत राजस्थान सरकार के काम की भी तारीफ़ की। उन्होंने बताया कि राज्य ने इस योजना के तहत स्वीकृत पैसों का जल्दी इस्तेमाल किया और पूरी राशि समय पर खर्च कर दी। इसी वजह से राज्य को आगे और भी फंड मिलेगा। साथ ही, मनरेगा के तहत अब तक हुए सभी कामों, चाहे वह सामग्री का खर्च हो या मज़दूरी का भुगतान, सबका पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से मिलाया जा रहा है, ताकि एक भी रुपया बाकी न रहे।

इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं ने ग्रामीण इलाकों में रोज़गार और बुनियादी ढांचे के विकास को नई ताक़त दी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के ज़रिए चुने गए कामों को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है और ग्रामीणों की भागीदारी को नीति बनाने का केंद्र बनाया गया है। राजस्थान में ग्राम चौपालों के ज़रिए मुख्यमंत्री की ज़मीनी पहल को भी बैठक में खास तौर पर सराहा गया।

चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री शाम के समय खुद गांवों में जाकर बहनों, युवाओं, किसानों और जनप्रतिनिधियों से अलग-अलग बात कर रहे हैं। अगले दिन भी वे गांवों में घूमकर ज़मीनी हालात का जायज़ा ले रहे हैं और लोगों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान की दिशा में कदम उठा रहे हैं। यह तरीका दिखाता है कि ग्रामीण विकास और खेती से जुड़े दोनों विभागों के काम को रोज़ ज़मीन पर देखा-समझा जा रहा है और योजनाओं को सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि सीधे गांव की गलियों और खेतों में लागू किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने राजस्थान सरकार की तारीफ़ करते हुए कहा कि ग्राम सभा के ज़रिए काम चुनना, पैसों का पारदर्शी इस्तेमाल, सूक्ष्म सिंचाई के लिए तेज़ी से खर्च करना और ग्राम चौपाल जैसी पहलें मिलकर राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक मिसाल बना रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मॉडल को आगे भी मज़बूती से लागू करके हर गांव के व्यवस्थित विकास का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि 'विकसित भारत- जी राम जी' योजना के तहत, जो पैसा जारी किया गया है, उसका इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पैसा सही जगह लगे और उसका पूरा फायदा लोगों तक पहुंचे। ग्राम सभाओं में लोग खुद तय करते हैं कि उनके गांव में क्या ज़रूरी है। इससे यह पक्का होता है कि जो काम हो रहे हैं, वे वाकई लोगों की ज़रूरतें पूरी कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी गांव में पानी की समस्या है, तो ग्राम सभा उसे प्राथमिकता देगी। अगर किसी गांव में सड़कें खराब हैं, तो उसे ठीक करने का काम होगा। इस तरह, हर गांव की अपनी अलग ज़रूरतें पूरी हो रही हैं।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने यह भी बताया कि सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत राजस्थान ने बहुत अच्छा काम किया है। इस योजना का मकसद है कि किसानों को कम पानी में ज़्यादा फसल उगाने में मदद मिले। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए मिले पैसों का बहुत तेज़ी से और सही तरीके से इस्तेमाल किया। इससे न केवल किसानों को फायदा हुआ, बल्कि पानी की बचत भी हुई। जब कोई राज्य किसी योजना को इतनी अच्छी तरह लागू करता है, तो केंद्र सरकार उसे और ज़्यादा मदद करती है। इसीलिए राजस्थान को आगे और भी फंड मिलने की उम्मीद है।

मनरेगा के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जो भी काम हुए हैं, चाहे वह मज़दूरी का भुगतान हो या सामान खरीदने का खर्च, सबका हिसाब-किताब बहुत ध्यान से रखा जा रहा है। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि कोई गड़बड़ी न हो और हर रुपया सही जगह इस्तेमाल हो। जब हिसाब-किताब पारदर्शी होता है, तो लोगों का भरोसा बढ़ता है और योजनाएं और बेहतर तरीके से चलती हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं का लाभ हर ज़रूरतमंद तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपालों के ज़रिए वे खुद ज़मीनी हकीकत जानने के लिए गांवों में जा रहे हैं। यह एक बहुत ही अनोखा और प्रभावी तरीका है। जब कोई नेता खुद लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनता है, तो लोगों को लगता है कि उनकी बात सुनी जा रही है। यह विश्वास पैदा करता है और विकास कार्यों को गति देता है।

उन्होंने बताया कि शाम को गांवों में जाकर वे अलग-अलग लोगों से मिलते हैं। कभी महिलाओं से, कभी युवाओं से, कभी किसानों से और कभी गांव के चुने हुए प्रतिनिधियों से। इससे उन्हें हर वर्ग की समस्याओं और ज़रूरतों का पता चलता है। अगले दिन भी वे गांवों में घूमते हैं और ज़मीनी हालात का जायज़ा लेते हैं। यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ कागजों पर काम नहीं कर रही, बल्कि हकीकत में लोगों के बीच जाकर काम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार का यह मॉडल, जिसमें ग्राम सभा को महत्व दिया जा रहा है, पैसों का सही इस्तेमाल हो रहा है, और नेता खुद ज़मीन पर जाकर लोगों से मिल रहे हैं, यह ग्रामीण विकास के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी तरह काम करते रहने से हर गांव का विकास होगा और लोग खुशहाल रहेंगे। यह मॉडल दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास और खेती से जुड़े दोनों विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे योजनाओं का असर और भी ज़्यादा होगा। यह तालमेल योजनाओं को सफल बनाने में बहुत मददगार साबित होगा।