Government Banks Dominate Loans Private Banks Lag Behind Unique Banking Trend Seen In Gurugram
लोन देने में सरकारी बैंकों का दबदबा, प्राइवेट बैंक पिछड़े
नवभारतटाइम्स.कॉम•
Yashlok.Singh
@timesofindia.comn गुड़गांव : देश के प्रमुख कॉरपोरेट और फाइनैंशल केंद्रों में शुमार मिलेनियम सिटी में बैंकिंग का एक दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है। स्थानीय कारोबार, इंडस्ट्री और अन्य सेक्टर को लोन देने के मामले में सरकारी बैंकों ने प्राइवेट बैंकों को काफी पीछे छोड़ दिया है। सरकारी बैंक जिले से मिलने वाले डिपॉजिट से कहीं ज्यादा रकम स्थानीय अर्थव्यवस्था में लोन के रूप में लगा रहे हैं, जबकि कई बड़े प्राइवेट बैंक डिपॉजिट जुटाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कम लोन दे रहे हैं।
बैंकिंग में किसी बैंक की सक्रियता का सबसे बड़ा पैमाना क्रेडिट डिपॉजिट (CD) रेशियो माना जाता है। इससे पता चलता है कि बैंक अपने पास जमा हर 100 रुपये के मुकाबले कितना लोन दे रहा है। गुड़गांव में सरकारी बैंकों का औसत CD रेशियो 173.03 प्रतिशत दर्ज किया गया है। ये बैंक जिले में जुटाए गए डिपॉजिट से भी अधिक राशि स्थानीय कारोबार और उद्योगों तक पहुंचा रहे हैं। इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सबसे आगे रहा। दिसंबर 2025 में बैंक का CD रेशियो 227.30 प्रतिशत था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 273.38 प्रतिशत पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि SBI अपनी स्थानीय जमा राशि के मुकाबले करीब पौने तीन गुना तक लोन दे रहा है। इससे साफ है कि बैंक ने गुड़गांव में क्रेडिट फ्लो बढ़ाने पर जोर दिया है।
निजी बैंकों का हाथ खींचना चिंता का विषय : दूसरी ओर, प्राइवेट बैंकों का औसत CD रेशियो सिर्फ 67.23 प्रतिशत रहा। ये बैंक जिले से डिपॉजिट तो अच्छी मात्रा में जुटा रहे हैं, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा स्थानीय स्तर पर लोन के रूप में नहीं पहुंच रहा। इंडसइंड बैंक का CD रेशियो 24.43 प्रतिशत और RBL बैंक का 20.47 प्रतिशत दर्ज किया गया है। जिला बैंकिंग समीक्षा में इसे चिंता का विषय माना गया है। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी बैंक कृषि, माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) और अन्य प्राथमिकता वाले सेक्टर में लगातार फाइनैंसिंग बढ़ा रहे हैं। वहीं, कई प्राइवेट बैंक कॉरपोरेट और कम जोखिम वाले पोर्टफोलियो पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। लीड बैंक और जिला प्रशासन ने कम CD रेशियो वाले बैंकों से स्थानीय कारोबार और उद्योगों को ज्यादा लोन उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि गुड़गांव में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को और रफ्तार मिल सके।