मंच पर उतरी देवलोक और द्वापर की भव्यता

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grand staging of devlok and dwapar child artists won hearts
n NBT न्यूज ,लखनऊ : भारतेंदु नाट्य अकादमी के प्रो. राज बिसारिया थ्रस्ट प्रेक्षागृह में एक महीने तक चली बाल कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। नन्हे कलाकारों ने 'कर्मण्येवाधिकारस्ते: मुरली से मातृभूमि तक' नाटक का मंत्रमुग्ध करने वाला मंचन किया, जिससे पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।

निदेशक बिपिन कुमार के मार्गदर्शन और डॉ. सुमित श्रीवास्तव के संयोजन में तैयार इस नाटक का निर्देशन गुजरात के प्रसिद्ध थियेटर इन एजुकेशन विशेषज्ञ वॉल्टर पीटर ने किया। नाटक की सबसे बड़ी विशेषता इसका डबल फ्लोर स्टेज था। निचले फ्लोर पर मथुरा की जेल, नंद भवन और कंस का दरबार दिखाया गया, वहीं ऊपरी फ्लोर पर देवलोक के दृश्य सजीव हुए। योगमाया का उड़ना और यमुना का चढ़ना जैसे दृश्यों को बच्चों ने अपनी रचनात्मकता से जादुई बना दिया। लोकेश पांडेय के लाइव संगीत और 'अच्युतम केशवम', 'वंदे मातरम' जैसे गीतों ने माहौल को भक्तिमय कर दिया। अंत में भक्ति से देशभक्ति तक का सफर दिखाकर बच्चों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।