n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : जिन आवासहीन परिवारों या कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थायी पात्रता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ दिया जाएगा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कोई भी परिवार आवास से वंचित नहीं रहने पाएगा।
डिप्टी सीएम ने बताया कि पात्र परिवार अपने क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी या जिला ग्राम्य विकास अभिकरण से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। पात्रता की जांच के बाद उन्हें योजना के तहत आवास स्वीकृत किया जाएगा। फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अब तक 5.87 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास आवंटित किए जा चुके हैं। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.16 लाख नए आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मौजूदा समय 52 हजार से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। डीएम और सीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों के आवास शीघ्र स्वीकृत कर पहली किस्त समय से जारी करें। इस वर्ष लाभार्थियों को सीधे बैंक खातों में धनराशि भेजी जा रही है। इस योजना का लाभ प्राकृतिक आपदा प्रभावित परिवारों, वनटांगिया, मुसहर, कोल, सहरिया, थारू, बंजारा सहित विभिन्न वंचित वर्गों, जनजातीय परिवारों, दिव्यांगजनों, कुष्ठ रोगियों, जापानी इंसेफेलाइटिस व एईएस प्रभावित परिवारों, विधवाओं और एसिड अटैक पीड़ितों को भी दिया जा रहा है।