‘ज़िले के 1037 तालाबों के संरक्षण की जिम्मेदारी तीनों अथॉरिटी की’

Contributed byShyam.Vir|नवभारतटाइम्स.कॉम
responsibility for the conservation of 1037 ponds in gautam buddh nagar now rests with noida greater noida and yamuna authorities
n NBT रिपोर्ट, नोएडा

जिला प्रशासन ने जिले के 1037 तालाबों और वॉटर बॉडी के संरक्षण के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी को जिम्मेदार बताया है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इसमें डीएम ने कहा है कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश-2020 के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण जैसे विकास प्राधिकरणों को "स्थानीय प्राधिकरण" का दर्जा दिया गया है। इसके बाद अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित जलाशयों के संरक्षण, प्रबंधन, अतिक्रमण हटाने और पुनर्जीवन की जिम्मेदारी संबंधित विकास प्राधिकरणों की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के 11 तालाबों से अतिक्रमण हटाने, उनका संरक्षण करने और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित प्राधिकरण को दिए जा चुके हैं। जिला प्रशासन ने सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की भी जानकारी दी है।
जिला भूजल प्राधिकरण की ओर से एनजीटी को सौंपे गए आंकड़ों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर में कुल 1037 तालाब हैं। इनमें दादरी तहसील में 480 तालाब हैं, जिनका मूल क्षेत्रफल 227.53 हेक्टेयर है और 16.92 हेक्टेयर पर अतिक्रमण है। सदर तहसील में 245 तालाबों का क्षेत्रफल 111.28 हेक्टेयर है, जिनमें 30.25 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण है। जेवर तहसील में 293 तालाब हैं, जिनका मूल क्षेत्रफल 122.99 हेक्टेयर है और 2.81 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण की चपेट में है।

सुनवाई के दौरान एनजीटी अध्यक्ष ने डीएम को सभी 1037 जलाशयों की एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। 2022 में पर्यावरणविद अभिष्ट कुसुम गुप्ता ने यह याचिका दायर की थी। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 को होगी।