3 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड मैनेजर से ठगे 35 लाख

नवभारतटाइम्स.कॉम
retired manager duped of 35 lakhs by digital arrest scam case registered at cyber crime police station
n NBT न्यूज, नोएडा

साइबर जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 75 वर्षीय सेवानिवृत्त बीमा कंपनी मैनेजर से 35 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को सरकारी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर तीन दिन तक वॉट्सऐप कॉल पर बुजुर्ग को मानसिक दबाव में रखा और गिरफ्तारी का भय दिखाकर आरटीजीएस के जरिए रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-78 स्थित हाइड पार्क सोसायटी निवासी पीड़ित ने पुलिस को बताया कि दो जुलाई 2026 को उनके वॉट्सऐप पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम पर गंभीर वित्तीय अपराध की जांच चल रही है। उसने दावा किया कि यदि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों ने दो जुलाई से चार जुलाई तक लगातार वॉट्सऐप कॉल पर उन्हें अपने नियंत्रण में रखा। इस दौरान उन्हें किसी भी परिजन या परिचित से बात नहीं करने और पूरे मामले को गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए। ठगों ने जांच और सत्यापन की प्रक्रिया का हवाला देकर बुजुर्ग से आरटीजीएस के माध्यम से 35 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। कुछ समय बाद पीड़ित को पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ। उन्होंने परिजनों से चर्चा की तो पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। ट्रांजैक्शन का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है और बैंक से समन्वय कर रकम को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।