गुरु पूर्णिमा पर शिरडी में सजा साई दरबार

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गुरु पूर्णिमा पर शिरडी में सजा साई दरबार
ललित वत्स

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिरडी में श्री साई मंदिर परिसर में मंगलवार से तीन दिन का उत्सव शुरू हो गया। ‘श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट‘ के सीईओ और आईएएस अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने अपनी पत्नी वंदना के साथ सुबह श्री साई समाधि मंदिर में पूजा की। इसके बाद अन्य कार्यक्रम शुरू हो गए। उत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए संस्थान के करीब 650 सुरक्षा और अन्य कर्मी व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं।
हुआ अखंड पाठ: संस्थान के सूत्रों के अनुसार, तड़के सवा पांच बजे काकड़ आरती के बाद सीईओ गाडिलकर सहित विभिन्न अधिकारियों ने भी पूजा की। वहीं, श्री द्वारका माई में ‘श्री साई सद्चरित‘ ग्रंथ का अखंड पाठ शुरू हुआ। साई बाबा ने जिस स्थान पर करीब 60 वर्ष बिताए थे, उसे उन्होंने ही द्वारकामाई-का नाम दिया था। ग्रंथ पाठ के बाद समाधि मंदिर में मंगल स्नान और दर्शन क्रम हुआ। 29 जुलाई बुधवार को गुरु पूर्णिमा की रात शेज यानी शयन आरती नहीं होगी।

मंदिरों की सजावट की गई: श्री साई समाधि मंदिर की ही तरह द्वारकामाई और चावड़ी में भी सजावट की गई है। मंदिर परिसर में श्री हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर, शनि मंदिर और भगवान शंकर के कक्ष को भी सजाया गया है। स्थानीय जानकार गणेश लोहडा के अनुसार, बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद में स्थानीय व्यवसायियों और वाहनों के चालकों तक में भी उत्साह है।

भजन-कीर्तन की प्रस्तुति: मंदिर परिसर में बने शताब्दी मंडप में मंगलवार को डोंबिवली से प्रसिद्ध कलाकार वेदश्री वैभव ओक का भजन गायन कार्यक्रम हुआ। गुरुवार 30 जुलाई को मुंबई-बोरीवली के विजय साखरकर का साई-स्वर नृत्योत्सव कार्यक्रम होगा।