Fake Chemical Use Pharma Company Manager Arrested Goods Worth Lakhs Seized
दवा में नकली केमिकल का यूज़, मैनेजर अरेस्ट
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद
हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने फार्मास्युटिकल ग्रेड के नकली प्रोपलीन ग्लाइकोल (केमिकल) के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-69 स्थित एक कंपनी में छापेमारी के दौरान करीब 24.83 लाख रुपये का संदिग्ध माल जब्त किया गया है। मामले में कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है। विभाग का कहना है कि अगर जांच में केमिकल में डाईएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकोल (EG) तय सीमा से अधिक पाया गया तो यह मरीजों, खासकर बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।कफ सिरप में भी होता है इसका इस्तेमाल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रोपलीन ग्लाइकोल का इस्तेमाल कफ सिरप सहित कई दवाओं के निर्माण में एक्सिपिएंट (सहायक घटक) के रूप में किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निर्देश, एफडीए आयुक्त डॉ. मनोज कुमार और राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता के नेतृत्व में नकली और मिलावटी दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
नामी कंपनी के नाम पर हो रही थी फर्जी पैकिंग
एफडीए को शिकायत मिली थी कि 'मनाली' ब्रैंड के नाम पर नकली प्रोपलीन ग्लाइकोल बाजार में बेचा जा रहा है। इसके बाद फरीदाबाद की टीम ने सेक्टर-69 आईएमटी स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड में छापा मारा। जांच में सामने आया कि चीन से आए इंडस्ट्रियल ग्रेड प्रोपलीन ग्लाइकोल को नामी कंपनी के लेबल और मार्किंग वाले ड्रमों में भरकर फार्मास्युटिकल ग्रेड उत्पाद बताकर बेचा जा रहा था।
देश में पहला मामला होने का दावा: एफडीए के अनुसार, किसी स्थापित निर्माता के ब्रैंड नाम का इस्तेमाल कर फार्मास्युटिकल ग्रेड प्रोपलीन ग्लाइकोल की कथित री-पैकिंग और जालसाजी का यह देश में पहला मामला है। प्रथम दृष्टया नकली और मिलावटी दवाओं के निर्माण व बिक्री के साक्ष्य मिलने पर कंपनी के मैनेजर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत अरेस्ट किया।