तख्त के नीचे रखी थी बाल्टी : पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से गोंसाईगंज-सुलतानपुर रोड क्षेत्र निवासी कुलदीप अपनी पत्नी शिवानी के साथ चरन भट्ठा रोड स्थित सतगुरुपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। दोनों मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। छह माह का शिवांश उनकी पहली संतान था। बुधवार सुबह कुलदीप काम पर निकल गए थे, जबकि शिवानी घर के काम में लगी थीं। कमरे में तख्त के नीचे पानी से भरी एक बाल्टी रखी थी। इसी दौरान खेलते-खेलते मासूम किसी तरह बाल्टी में गिर गया। कुछ देर तक जब उसकी कोई आवाज नहीं आई तो मां ने तलाश शुरू की। बाल्टी में बेटे को अचेत देख वह बदहवास हो गईं और चीख-पुकार मच गई।परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ : शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मासूम को तुरंत निजी अस्पताल ले गए। सूचना मिलते ही पिता भी वहां पहुंच गए। इसके बाद बच्चे को आसपास के अन्य अस्पतालों में भी दिखाया गया, लेकिन हर जगह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कॉलोनी में भी मातम पसरा रहा और हर किसी की जुबान पर यही था कि एक पल की चूक ने एक परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।
तख्त के नीचे रखी थी बाल्टी : पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से गोंसाईगंज-सुलतानपुर रोड क्षेत्र निवासी कुलदीप अपनी पत्नी शिवानी के साथ चरन भट्ठा रोड स्थित सतगुरुपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। दोनों मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। छह माह का शिवांश उनकी पहली संतान था। बुधवार सुबह कुलदीप काम पर निकल गए थे, जबकि शिवानी घर के काम में लगी थीं। कमरे में तख्त के नीचे पानी से भरी एक बाल्टी रखी थी। इसी दौरान खेलते-खेलते मासूम किसी तरह बाल्टी में गिर गया। कुछ देर तक जब उसकी कोई आवाज नहीं आई तो मां ने तलाश शुरू की। बाल्टी में बेटे को अचेत देख वह बदहवास हो गईं और चीख-पुकार मच गई।परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ : शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मासूम को तुरंत निजी अस्पताल ले गए। सूचना मिलते ही पिता भी वहां पहुंच गए। इसके बाद बच्चे को आसपास के अन्य अस्पतालों में भी दिखाया गया, लेकिन हर जगह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कॉलोनी में भी मातम पसरा रहा और हर किसी की जुबान पर यही था कि एक पल की चूक ने एक परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।




