Logjam In Lok Sabha Over Paper Leak Rahul Gandhis Allegations And Amit Shahs Response House Proceedings Disrupted
गतिरोध ठीक नहीं
नवभारतटाइम्स.कॉम•
पेपर लीक इस समय देश का सबसे बड़ा मुद्दा है। इसी को लेकर जंतर-मंतर पर लंबा अनशन चला और देशभर में हजारों स्टूडेंट्स सड़कों पर उतरे। ऐसे में बुधवार को जब लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश हुआ, तो उस पर व्यापक चर्चा की उम्मीद थी। बहस इस बात पर होनी चाहिए थी कि परीक्षा व्यवस्था में किस तरह के सुधार लाए जाएं, कैसे इसे ज्यादा जवाबदेह बनाया जाए और किस तरह से भविष्य में पेपर लीक को रोका जा सकता है, लेकिन सारी बहस एक शब्द पर आकर रुक गई।
राहुल गांधी के आरोप । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई और इसे सदन की कार्यवाही से निकालने की मांग की। राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने स्टूडेंट्स पर गोली चलाने का आदेश दिया था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे बेबुनियाद बताया और माफी की मांग की।सुधार का रास्ता । मॉनसून सत्र NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के साये में शुरू हुआ है। पहले दिन से यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की वजह बना हुआ है। हालांकि बेहतर यही होता कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय दोनों पक्ष इस विषय पर चर्चा करते और व्यवस्था में सुधार के लिए कोई रास्ता निकालते। संशोधन विधेयक से कानून तो सख्त हो सकता है, लेकिन ढांचागत खामियों को दूर किए बिना सुधार संभव नहीं है।
जांच की जरूरत । विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर पैलेट गन इस्तेमाल की गई और फायरिंग हुई। सुप्रीम कोर्ट के सामने भी पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग का केस आ चुका है और अदालत ने माना है कि जांच के लिए आयोग बनाया जा सकता है। यह विवाद तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती।
सदन चले । विपक्ष का अधिकार है सरकार से कठिन सवाल पूछना और सरकार की जिम्मेदारी है तथ्यों के साथ जवाब देना। लेकिन, अगर हर बहस आरोप-प्रत्यारोप में उलझ जाए, तो कोई सार्थक नतीजा नहीं निकलेगा। राहुल गांधी का यह कहना कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया गया, दोनों पक्षों के बीच संवाद की गंभीर कमी को जाहिर करता है। यह भी खयाल रखना चाहिए कि सदन की कार्यवाही कुछ नियमों के दायरे में चलती है, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। छात्रों का मुद्दा यह मांग कर रहा है कि सरकार और विपक्ष राजनीतिक मतभेदों को भूलकर सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाएं।