n तुषार शर्मा, नोएडा : केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अस्पतालों में बेहतर और समयबद्ध इलाज के दावे किए जाते हैं, लेकिन सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में एक मरीज के परिजन की परेशानी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। हाथरस निवासी गुरपाल सिंह अपनी बेटी के इलाज की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई राहत नहीं मिली है। गुरपाल सिंह नोएडा की एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। उनका कहना है कि नौकरी के दौरान उनका ईएसआई अंशदान नियमित रूप से जमा होता रहा है। करीब पांच दिन पहले उनकी बेटी राजमाला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और हार्ट अटैक आने के बाद उसे सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दिल्ली एम्स रेफर कर दिया। गुरपाल सिंह के अनुसार, एम्स में जांच के बाद डॉक्टरों ने हार्ट सर्जरी के लिए चार माह बाद की तारीख दी है। उनका कहना है कि बेटी की गंभीर स्थिति को देखते हुए इतना लंबा इंतजार संभव नहीं है। इसी वजह से वह पिछले तीन दिनों से ईएसआई अस्पताल में इलाज की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका कहना है कि बेटी को तत्काल उपचार की जरूरत है, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।



