नाले में उतरे पार्षद, खुली ‘ऊपरी सफाई’ की पोल

नवभारतटाइम्स.कॉम

नगर निगम के नाला सफाई अभियान की हकीकत सामने आई। मनकामेश्वर वॉर्ड के पार्षद रणजीत सिंह खुद नाले में उतरे। उन्होंने ठेकेदार और अफसरों की ऊपरी सफाई की पोल खोली। पार्षद ने कहा कि जब तक नाले की तली तक की सिल्ट नहीं निकलेगी, काम पूरा नहीं माना जाएगा। बिना तलीझार सफाई के ठेकेदार का बिल पास नहीं होगा।

ward councilor enters drain raises questions on superficial cleaning scolds contractor

nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : नगर निगम के नाला-सफाई अभियान की जमीनी हकीकत रविवार को उस वक्त सामने आ गई, जब मनकामेश्वर वॉर्ड के पार्षद रणजीत सिंह खुद टैगोर मार्ग के बड़े नाले में उतर गए। घुटने तक गाद में खड़े होकर उन्होंने ठेकेदार और अफसरों की ‘ ऊपरी सफाई ’ की पोल खोल दी। पार्षद ने फावड़ा चलाकर कर्मचारियों को तलीझार सफाई का तरीका बताया और दो टूक कहा, ‘जब तक नाले की तली तक की सिल्ट नहीं निकलेगी, काम पूरा नहीं माना जाएगा। बिना तलीझार सफाई के ठेकेदार का बिल पास नहीं होने दिया जाएगा।’

हो रही खानापूर्ति : पार्षद सुबह बड़े नाले का निरीक्षण करने पहुंचे थे। नाले में उतरकर जांच की तो पाया कि ठेकेदार ने केवल ऊपरी परत की सिल्ट हटाई है। तलहटी में कई फुट मोटी गाद और कचरा जमा था। उन्होंने मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्था के ठेकेदार और नगर निगम के जेई से इस लापरवाही पर जवाब मांगा। पार्षद ने कहा कि हर साल कागजों पर नाले साफ हो जाते हैं, लेकिन पहली बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं।