n दीपाली श्रीवास्तव, गुड़गांव
तंबाकू की लत से छुटकारा पाने के लिए गुड़गांव के लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। इसका अंदाजा विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर स्वास्थ्य विभाग के नशा मुक्ति केंद्र के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। पांच साल में तंबाकू छोड़ने के लिए इलाज व परामर्श लेने वालों की संख्या 5 गुना बढ़ गई है। साल 2021-22 में जहां 76 लोग केंद्र पहुंचे थे, वहीं 2025-26 में 366 लोग पहुंचे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मुंह के कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ते मामलों ने लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेक्टर-31 स्थित पॉलीक्लिनिक में संचालित नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को काउंसलिंग, व्यवहार परिवर्तन संबंधी सलाह, नियमित फॉलोअप और आवश्यकता पड़ने पर निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी के तहत निकोटिन च्युइंगम व एंटी क्रेविंग ड्रग उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 15 से 30 दिनों तक नियमित रूप से निकोटिन च्युइंगम का उपयोग करें और अपनी इच्छाशक्ति मजबूत रखे तो तंबाकू की लत पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम केडिस्ट्रिक नोडल ऑफिसर डॉ. अजय के अनुसार तंबाकू की लत छोड़ना केवल दवा का नहीं बल्कि इच्छाशक्ति और नियमित मार्गदर्शन का भी विषय है। नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलिंग और निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी से लोगों को लत से बाहर आने में मदद की जा रही है।



