n NBT न्यूज, गुड़गांव
इबोला जैसी गंभीर स्वास्थ्य आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए रविवार को सेक्टर-10 के सिविल अस्पताल में हाई-रिस्क इबोला मॉक ड्रिल की गई। भारत सरकार की ओर से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, संक्रमण नियंत्रण उपायों और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का मौके पर आकलन किया। टीम में राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल की डॉ. श्रुति अरोड़ा सहित तीन विशेषज्ञ शामिल रहे। मॉक ड्रिल के दौरान इबोला संक्रमित मरीज के अस्पताल पहुंचने से लेकर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने, उपचार देने और संक्रमण फैलाव को रोकने तक की पूरी प्रक्रिया का वास्तविक परिस्थितियों की तरह अभ्यास किया गया। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशन और एंबुलेंस कर्मियों ने इस अभ्यास में भाग लेकर अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।
अभ्यास के तहत एक काल्पनिक इबोला मरीज को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाया गया। मरीज को निर्धारित आइसोलेशन बेड पर भर्ती कर जांच, उपचार और निगरानी की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों को डॉनिंग और डॉफिंग (पीपीई किट पहनने और उतारने) की वैज्ञानिक प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया।
पीएमओ डॉ. नीना गठवाल ने बताया कि इबोला भले ही भारत में आम बीमारी नहीं है लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहना आवश्यक है। सीएमओ डॉ. लोकवीर, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनुज, डॉ. नीरज, डॉ. हिमानी, डॉ. नवीन, डॉ. सुमन, डॉ. मोनिका यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



