बस स्टैंड परिसर में फैली मिली गंदगी, बना बीमारी का अड्डा!

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गुड़गांव बस स्टैंड परिसर में गंदगी और जलभराव मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण कर कर्मचारियों को फटकार लगाई। खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों पर भी कार्रवाई हुई। यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई होगी। जिलेभर में एंटी लार्वा गतिविधियां तेज की जा रही हैं।

gurgaon bus stand becomes breeding ground for diseases health department team shocked by dirt and waterlogging

n NBT न्यूज, गुड़गांव

मॉनसून की दस्तक से पहले डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में जुटे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुड़गांव बस स्टैंड परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर गंदगी, जलभराव और मच्छरों के पनपने के अनुकूल हालात मिले। जिसे लेकर कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई गई। दुकानों का भी निरीक्षण कर हाइजीन समेत अन्य व्यवस्थाएं देखीं। खुले में खाद्य पदार्थ रखने वालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर की मौजूदगी में हुई जांच के दौरान संभावित लार्वा स्थलों को चिन्हित कर पूरे परिसर में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया। साथ ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान टीम ने बस स्टैंड परिसर में बिक रही खाद्य सामग्री और दुकानों की स्वच्छता की भी जांच की। कई दुकानों पर खाद्य पदार्थ खुले में बिकते पाए गए। दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई।

यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों को ढककर रखने और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। टीम ने दुकानों में मौजूद पैक्ड खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की एक्सपायरी डेट भी जांची। अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में खुले में बिकने वाला भोजन तेजी से दूषित हो सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि बस स्टैंड पर गंदगी और लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी स्थिति मिलने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास स्वामी ने बताया कि जिलेभर में एंटी लार्वा गतिविधियों को तेज किया जा रहा है, जिससे मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समय रहते खत्म किया जा सके।

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