n NBT रिपोर्ट, मानेसर
नगर निगम मानेसर अपने एरिया में एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) की सड़कों के बड़े गोल चक्करों को चंडीगढ़ की तर्ज पर डिजाइन कर विकसित करेगा। इन सड़कों पर करीब 35 किमी लंबी ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज को भी एनजीओ, कंपनियों और सोसायटियों के सहयोग से सीएसआर के तहत विकसित कराया जाएगा। सड़कों को डस्ट-फ्री बनाने के लिए एंटी-स्मॉग टावर लगाए जाएंगे। साथ ही एंटी-स्मॉग गन से नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की योजना बनाई गई है।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने मंगलवार को निगम क्षेत्र की विभिन्न सड़कों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम जरूरत के हिसाब से एंटी-स्मॉग गन खरीदे, ताकि सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा सके। ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज को हरा-भरा और धूल-मुक्त बनाए रखने के लिए एसटीपी के ट्रीटेड पानी का उपयोग किया जाएगा। अधिक धूल वाले क्षेत्रों में एंटी-स्मॉग टावर लगाने के भी आदेश दिए गए। निगम आयुक्त ने एचएसवीपी और जीएमडीए की विभिन्न सड़कों का निरीक्षण कर कहा कि गांव रामपुरा से पटौदी रोड, वाटिका चौक से पटौदी रोड, एम3एम गैलरी सोसायटी से गांव नौरंगपुर (शिकोहपुर रोड होते हुए) तक की ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज को एचएसवीपी/जीएमडीए से एनओसी लेकर निगम अपने स्तर पर विकसित करेगा। इसके लिए निजी कंपनियों, एनजीओ, सोसायटियों और बिल्डरों से सीएसआर फंड के जरिए विकास कार्य में सहयोग मांगा जाएगा।इसके अलावा दादी सती चौक, जय सिंह चौक, बाबा कनाला चौक और राव हुकम चंद चौक को भी चंडीगढ़ की तर्ज पर डिजाइन कर विकसित किया जाएगा। इस दौरान उनके साथ एक्सईएन निजेश कुमार, एसडीओ अनिल मलिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



