बाज़ार की गिरावट से डरे निवेशक, क्या खत्म हो रहा है SIP का क्रेज?

नवभारत टाइम्स

शेयर बाज़ार में लगातार गिरावट से निवेशक चिंतित हैं। कई लोग अपनी मंथली एसआईपी बंद कर रहे हैं। नए निवेशक भी अब कम संख्या में जुड़ रहे हैं। यह रुझान बाज़ार के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, एसआईपी से आने वाला कुल पैसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।

बाज़ार की गिरावट से डरे निवेशक, क्या खत्म हो रहा है SIP का क्रेज?
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

शेयर बाजार में पिछले दो सालों से मिल रहे खराब रिटर्न ने रिटेल निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। म् यूचुअल फंड इंडस्ट्री के डेटा से पता चलता है कि लोग अब अपनी मंथली SIP को बंद कर रहे हैं और नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार भी काफी धीमी हो गई है।

असोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में SIP बंद करने वालों की संख्या नए रजिस्ट्रेशन से ज्यादा रही। इस दौरान SIP स्टॉपेज रेशियो 101% रहा, जो मार्च में भी इतना ही था। इसका मतलब यह है कि अप्रैल महीने में जितने नए SIP खाते खुले, उससे ज्यादा बंद कर दिए गए। हालांकि, एक राहत की बात यह है कि SIP के जरिए बाजार में आने वाला कुल पैसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।

ET के मुताबिक, घरेलू निवेशक ों का यह सहारा तब बहुत काम आया है जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर जा रहे हैं। अगर SIP का पैसा आना बंद हो जाता, तो बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती थी।

SIP बंद करने का ट्रेंड समय के साथ बढ़ता जा रहा है। मार्च 2026 में 12 महीने का SIP स्टॉपेज रेशियो बढ़कर 94.5% हो गया, जो मार्च 2025 में 75.6% और मार्च 2024 में केवल 52% था।

आंकड़े बताते हैं कि अगर किसी ने पिछले दो सालों से निफ्टी 50 में SIP की होती, तो उसे 2.56% का नुकसान हुआ होता। वहीं निफ्टी 500 में निवेश करने वालों को केवल 0.83% का मामूली मुनाफा हुआ।

नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार भी अप्रैल में सुस्त रही। इस महीने केवल 2,95,000 नए निवेशक म्यूचुअल फंड से जुड़े, जिससे कुल निवेशकों की संख्या 6.17 करोड़ हो गई। यह जून 2023 के बाद से किसी भी महीने में सबसे कम बढ़ोतरी है। फरवरी में 7 लाख और मार्च में 5 लाख नए निवेशक जुड़े थे। पिछले एक साल (मार्च तक) में कुल 72 लाख नए निवेशक आए, जबकि उससे पिछले साल यह आंकड़ा 97 लाख था।

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