अर्चना गुप्ता बनीं प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष, 42 सीटों पर कमल खिलाने की चुनौती

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अर्चना गुप्ता ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का कार्यभार संभाला है। उनके सामने 42 विधानसभा सीटों पर पार्टी को मजबूत करने की बड़ी चुनौती है। 2024 के चुनावों में इन सीटों पर पार्टी को हार मिली थी। लोकसभा चुनावों में भी कुछ सीटों पर निराशा हाथ लगी थी। पार्टी नेतृत्व अब इन क्षेत्रों में विशेष ध्यान केंद्रित करेगा।

अर्चना गुप्ता बनीं प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष, 42 सीटों पर कमल खिलाने की चुनौती

NBT न्यूज, चंडीगढ़ : बीजेपी की नवनियुक्त अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने बुधवार को पंचकूला स्थित पंचकमल मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी , बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित संगठन और सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुए इस शक्ति प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि बीजेपी अब मिशन-2029 की तैयारियों को संगठनात्मक स्तर पर नई गति देने जा रही है। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपनी प्राथमिकताओं और चुनौतियों का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और सशक्त संगठन विरासत में मिला है, लेकिन इसके साथ ही बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक बड़ी चुनौती भी है।

हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने अक्टूबर 2024 के चुनावों में 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की थी। हालांकि 42 सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। 2024 के लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी राज्य की 10 में से केवल 5 सीटें ही जीत पाई थी। यही कारण है कि डॉ. अर्चना गुप्ता के सामने संगठन को उन क्षेत्रों में और अधिक सक्रिय बनाना सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व भी यह मानता है कि यदि इन 42 विधानसभा क्षेत्रों और पांच लोकसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती बढ़ाई गई तो 2029 के चुनावों में बीजेपी और मजबूत स्थिति में पहुंच सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही इन हारी हुई सीटों पर विशेष फोकस कर चुके हैं। सरकार ने इन क्षेत्रों में मंत्रियों और विधायकों को ‘शैडो विधायक’ या प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी देकर जमीनी स्तर पर फीडबैक और राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने का प्रयास शुरू कर रखा है। ऐसे में ,यह दोहरी रणनीति और तेज होगी।