गिरफ्तारी के कारण न बताना बनी नियमित प्रथा: हाई कोर्ट

नवभारतटाइम्स.कॉम

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि गिरफ्तारी का कारण बताना और पंचनामा तैयार करना अब आम बात नहीं रही। कोर्ट ने हत्यारोपी संदीप बैसोया को जमानत दी। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के समय लिखित में कारण बताना जरूरी है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

not informing the reason for arrest has become a regular practice high court grants bail to murder accused

nNBT रिपोर्ट, प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि गिरफ्तारी का कारण न बताना और खुलासा ज्ञापन तैयार न करना नियमित प्रथा बन गई है। इस टिप्पणी के साथ जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने 13 जनवरी से जेल में बंद हत्यारोपित संदीप बैसोया को जमानत दे दी। आरोपित की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उसे न तो गिरफ्तारी का कारण बताया गया, न ही उसके पास से बरामद दिखाई गई देसी पिस्तौल का खुलासा ज्ञापन (पंचनामा) तैयार किया गया था।

कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के वक्त या रिमांड आदेश से दो घंटे पहले लिखित में कारण बताना जरूरी है। कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को केस की जांच करने व मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट भविष्य में अधिक सतर्क रहने का निर्देश देता है।