n NBT रिपोर्ट, लखनऊ
फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के सदस्य को एसटीएफ ने बुधवार को बुद्धेश्वर मंदिर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के अनुसार, आरोपित के पास से आयुष्मान कार्ड से संबंधित डेटा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि यह गिरोह अपात्र लोगों को पात्र व्यक्तियों की फैमिली आईडी में जोड़कर उनके आयुष्मान कार्ड बनवाता था। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर/पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें ओटीपी सिस्टम को बायपास कर धोखाधड़ी की जाती थी। आरोपित रोजाना 5 से 6 फर्जी कार्ड बनाकर यह गोरखधंधा करता था।
पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम चक्र शेरू उर्फ अभिषेक उर्फ अजय (25), निवासी हरदोई बताया। उसने बताया कि वह 2023 में पढ़ाई के लिए लखनऊ आया था और बाद में सीएससी सेंटर पर काम करने लगा। वहीं उसकी मुलाकात गिरोह के अन्य सदस्यों से हुई, जिन्होंने उसे फर्जी कार्ड बनाने के नेटवर्क से जोड़ लिया। गिरोह के सरगना और अन्य सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
एक वर्ष में बनाए 1,500 फर्जी कार्ड : एसटीएफ के हत्थे चढ़े आरोपित ने बताया कि उसने पिछले एक वर्ष में करीब 1,500 फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाए हैं, जिनका इस्तेमाल विभिन्न अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराने के लिए किया गया। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है। मामले में आरोपित के खिलाफ साइबर क्राइम थाना, लखनऊ में केस दर्ज किया गया है। उसके पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फरेंसिक जांच करवाई जाएगी।


