अश्लील विडियो देखने का डर दिखा ठगने का आया नया हथकंडा

नवभारतटाइम्स.कॉम

साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। वे लोगों को अश्लील वीडियो देखने या सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर डरा रहे हैं। खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे ऐंठ रहे हैं। फर्जी नोटिस और वारंट भेजकर लोगों को फंसाया जा रहा है। पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है।

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n NBT रिपोर्ट, नोएडा

एआई के दौर में अब साइबर ठग भी स्मार्ट तरीके से ठगी का हथकंडा अपनाने लगे हैं। इन दिनों ठग सीनियर सिटिजन और अन्य लोगों के मोबाइल पर अश्लील विडियो देखने और शेयर करने का आरोप लगाकर झांसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर पोस्ट किए फोटो, विडियो को एडिट कर वायरल करने की धमकी देते हैं। साइबर थाने में हर महीने पांच से छह केस सामने आ रहे हैं। वहीं पुलिस लोगों को जागरुक करने के लिए आरडब्ल्यूए, एओए के वॉट्सऐप ग्रुप और अभियान का मदद ले रही है। लोगों को इन ठगी की तरीके के बारे में जानकारी दी जाती है और बचने के लिए सतर्क करने की हिदायत भी दी जा रही है।

साइबर थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी, साइबर सेल कर्मी या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों से पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। ठग सबसे पहले सामान्य फोन कॉल करते हैं। कॉल रिसीव करते ही सामने वाला व्यक्ति खुद को किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताता है। इसके बाद वह पीड़ित को कहता है कि उसके मोबाइल या कंप्यूटर से अश्लील विडियो देखे गए हैं। कई मामलों में यह भी कहा जाता है कि इन विडियो को अन्य लोगों को फॉरवर्ड किया गया है, जो एक गंभीर अपराध है। साथ ही बताया जाता है कि आपने बच्चों की विडियो देखे हैं। जिस पर कानूनी कार्रवाई होगी और ठग दावा करते हैं कि पीड़ित के खिलाफ शिकायत दर्ज हो चुकी है। कई बार फर्जी एफआईआर, नोटिस, गिरफ्तारी वारंट या जांच से जुड़े दस्तावेज भी वॉट्सऐप पर भेज दिए जाते हैं। इन दस्तावेजों पर पुलिस, सीबीआई, साइबर सेल या अदालत जैसी संस्थाओं के नाम और लोगो लगाए जाते हैं, जिससे लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाते हैं।