प्रमोशन के बाद अधिक वेतन पाने वाले पीसीएस अफसरों से होगी रिकवरी

Contributed byAnand.Tripathi|नवभारतटाइम्स.कॉम

प्रदेश के 800 से अधिक प्रमोटी पीसीएस अधिकारियों से अधिक भुगतान की रिकवरी की जाएगी। वेतन निर्धारण में पाई गई विसंगतियों के कारण यह कार्रवाई हो रही है। नायब तहसीलदार से तहसीलदार पद पर प्रमोशन में अधिक गड़बड़ियां सामने आई हैं। शासन स्तर से जांच के बाद यह रिकवरी की जाएगी। इससे पहले जिलाधिकारियों को पत्र भेजे जा रहे हैं।

pcs officers receiving higher salary after promotion will face recovery discrepancies found in service books

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : प्रदेश के 800 से अधिक प्रमोटी पीसीएस अधिकारी, जिन्हें वेतन निर्धारण की नई व्यवस्था लागू होने के बाद अप्रैल और मई में वेतन नहीं मिल पाया था, उनकी सेवा पुस्तिकाओं में वेतन निर्धारण से संबंधित कई विसंगतियां पाई गई हैं। अब शासन ऐसे अधिकारियों से अधिक भुगतान की रिकवरी की तैयारी कर रहा है।

नियुक्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रदेशभर में करीब 815 प्रमोटी पीसीएस अधिकारी ऐसे हैं, जिनका ग्रेड पे 5400 या उससे अधिक है। इन सभी की सेवा पुस्तिकाएं जिलों से मंगवाकर जांच की जा रही है। जांच में कई मामलों में वेतन निर्धारण में गड़बड़ी मिली है, यानी संबंधित अधिकारियों का वेतन अधिक निर्धारित किया गया और उन्हें अधिक भुगतान भी हुआ। ऐसे मामलों में संबंधित जिलों को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर अधिक भुगतान की रिकवरी की जाएगी।

नायब तहसीलदार से तहसीलदार प्रमोशन में सबसे अधिक गड़बड़ी : शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वेतन अधिक निर्धारण की अधिकांश गड़बड़ियां नायब तहसीलदार से तहसीलदार पद पर प्रमोशन के मामलों में सामने आई हैं। कुछ मामलों में प्रमोशन के बाद संबंधित अधिकारी को एसीपी और प्रमोशन दोनों का लाभ दे दिया गया, जिससे वेतन बढ़ गया और अधिक वेतन का भुगतान भी हो गया। गड़बड़ियां सामने आने के बाद अब इन मामलों में रिकवरी की जा रही है। रिकवरी से पहले शासन स्तर से संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजे जा रहे हैं। पत्र के आधार पर जिलाधिकारी जांच कराकर शासन को रिपोर्ट भेज रहे हैं, जिसके आधार पर रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है।

वेतन विसंगति कैसे सामने आई : दरअसल, अप्रैल में नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने निर्णय लिया था कि आईएएस और सीनियर पीसीएस अधिकारियों की तरह जूनियर पीसीएस अधिकारियों का वेतन भी जिलों के बजाय शासन स्तर से दिया जाएगा। आदेश के अनुसार, वेतन पर्ची नियुक्ति अनुभाग-11 द्वारा जारी की जानी थी और इसी प्राधिकार पत्र के आधार पर कोषागारों से वेतन भुगतान होना था। अब जब सेवा पुस्तिकाएं शासन के पास आ रही हैं और उनकी जांच हो रही है, तो वेतन निर्धारण से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।