n NBT रिपोर्ट, नोएडा
रियल एस्टेट सेक्टर में स्टील, सीमेंट, एल्युमीनियम और ग्लास जैसी निर्माण सामग्रियों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने डेवलपर्स की चिंता बढ़ा दी है। बढ़ती लागत और सप्लाई चेन में बाधा के कारण परियोजनाओं का बजट प्रभावित हो रहा है, जिससे भविष्य में घरों की कीमतें बढ़ने की आशंका है। इस संकट को देखते हुए क्रेडाई वेस्टर्न यूपी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है।
क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के प्रेसिडेंट दिनेश गुप्ता ने बताया कि कच्चे माल की महंगाई के साथ-साथ श्रमिकों की कमी से प्रोजेक्ट्स की गति धीमी पड़ गई है। इसी के चलते संगठन ने रेरा (RERA) के तहत परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा और टाइम एक्सटेंशन में राहत देने का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के अनुसार नाइट फ्रैंक-नारेडको रियल एस्टेट सेंटीमेंट इंडेक्स में भी उद्योग की कारोबारी भावना में नरमी देखी गई है। डेवलपर्स का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते रियायत नहीं दी, तो इसका असर केवल निर्माण उद्योग ही नहीं, बल्कि निवेश और रोजगार पर भी पड़ेगा। वर्तमान परिस्थितियों में आर्थिक दबाव को कम करने के लिए नीतिगत राहत अनिवार्य है।


