n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : सुप्रीम कोर्ट की ओर से 29 मई को 'टीईटी अनिवार्यता' पर दिए गए फैसले के विरोध में देशभर के शिक्षक अब बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को आपातकालीन ऑनलाइन प्रादेशिक बैठक कर 'सड़क से संसद' तक निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया। प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश कार्यसमिति, मंडलीय संगठन मंत्रियों और जिलों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर संघर्ष करने पर सहमति जताई।
'शिक्षक बचाओ, शिक्षा बचाओ, देश बचाओ' प्रदेश अध्यक्ष सुशील पांडेय ने कहा कि सेवा में रहते हुए सेवा शर्तों में बदलाव असंवैधानिक है। उन्होंने पदाधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरण अभियान चलाने की अपील की। प्रदेश कोषाध्यक्ष ठाकुरदास यादव और संयुक्त मंत्री आलोक मिश्र ने कहा कि शिक्षकों ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखी, लेकिन बार-बार अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन मंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि आनेवाली पीढ़ी के अधिकारों के लिए संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है। प्रदेश अध्यक्ष ने टीईटी पास और नॉन-टीईटी सभी शिक्षकों से एकजुट होने को कहा।


