विदेशी विवि तक की बना रहे थे फर्ज़ी मार्कशीट, 4 अरेस्ट

Contributed byPraveen.Mohta|नवभारतटाइम्स.कॉम

कानपुर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देश-विदेश की यूनिवर्सिटी की नकली डिग्री और मार्कशीट बनाता था। पुलिस ने मास्टरमाइंड जियाउल हसन सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में नकली दस्तावेज, मोहरें और उपकरण बरामद हुए हैं।

foreign university fake degree racket busted in kanpur mastermind and 4 others arrested

nNBT रिपोर्ट, कानपुर

देश ही नहीं विदेशी युनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री, मार्कशीट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित चार को गिरफ्तार किया है। सीपी रघुबीर लाल के अनुसार करीब 13 वर्षों से सक्रिय गिरोह अब तक हजारों फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच चुका है।

डीसीपी सेंट्रल के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में जियाउल हसन उर्फ समीर उर्फ आतिफ, नूरुद्दीन, हसन आसिफ और आमिर अहमद शामिल हैं। जियाउल हसन गिरोह का सरगना है और बीबीए के साथ ही ग्राफिक्स डिजाइनर भी है। गिरोह के संचालन के लिए जियाउल लंदन के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था। जांच में पता चला है कि गिरोह भारत के अलावा सऊदी अरब, कनाडा और ब्रिटेन तक फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट उपलब्ध कराता था। आरोपित विभिन्न विश्वविद्यालयों के नाम पर तैयार किए गए जाली दस्तावेज ऊंची कीमत पर बेचते थे। बरामद दस्तावेजों में सीएसजेएम विवि कानपुर, उस्मानिया विवि, कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, अन्नामलाई विवि, लिंगाया विद्यापीठ, डॉ. डीवाई पाटिल विद्यापीठ, अलगप्पा विवि और आचार्य नागार्जुन विवि समेत कई संस्थानों के नाम शामिल हैं।

नेटवर्क और लेनदेन की जांच में जुटी पुलिस: पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 62 जाली मार्कशीट, विभिन्न शैक्षणिक प्रमाणपत्र, 141 फर्जी मोहरें, 80 थ्री-डी मोनोग्राम स्ट्रिप, 830 ब्लैंक पेपर, 24 डाई, होलोग्राम, एक एप्पल मैकबुक प्रो, एक एचपी लैपटॉप, एक सैमसंग डेस्कटॉप, कलर प्रिंटर, तीन हार्ड डिस्क और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।