n NBT न्यूज, सेक्टर-10
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन की टिप्पणी से आहत नर्सिंग स्टाफ ने सिविल अस्पताल में मंगलवार को नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर असोसिएशन के बैनर तले दो घंटे का पेन डाउन कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल की नियमित सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित रहीं। हालांकि मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए सभी वॉर्डों में एक-एक नर्स मौजूद रहीं। फिर भी कई मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की।
क्या है मामला: कुरुक्षेत्र के नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के अस्पताल दौरे के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर की गई टिप्पणी पर नर्सिंग समुदाय ने कड़ी आपत्ति जताई है। रेनू भाटिया के उस बयान के बाद विरोध और बढ़ गया जिसमें उन्होंने नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि आपकी बेटी होती तो उसे 15 मिनट अकेला नहीं छोड़तीं, ऐसे में इस बेटी को कैसे छोड़ दिया। इसके साथ ही उन्होंने पीएमओ सहित तीन नर्सिंग कर्मचारियों को निलंबित करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने और मामले में मिलीभगत की आशंका जताने की बात भी कही थी।
आयोग अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की : नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर असोसिएशन की मीडिया कोऑर्डिनेटर पूनम सहराय ने कहा कि अस्पताल में छोटी बच्ची के साथ हुई घटना को लेकर उनकी संवेदना पीड़ित पक्ष के साथ है लेकिन पूरे नर्सिंग स्टाफ को कटघरे में खड़ा करना ठीक नहीं। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, जनवादी महिला समिति और सीटू ने भी हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया को तुरंत पद से हटाने की मांग की है। समिति की राज्य महासचिव उषा सरोहा ने कहा कि जिस डॉक्टर पर पहले से आरोप थे, उसे दोबारा नियुक्ति कैसे दी गई। संगठनों ने आरोपी डॉक्टर की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सरकारी अस्पतालों में महिला डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों व महिला अटेंडेंटों की पर्याप्त नियुक्ति की मांग की। इस मौके पर जगमति सांगवान, सविता, जयभगवान और रानी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

