कूड़ा जलाने, अवैध मलबा डंपिंग रोकने को की पहल

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गुड़गांव फर्स्ट संस्था ने वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टिट्यूट इंडिया के साथ मिलकर सात वर्कशॉप आयोजित कीं। इनमें लोगों को कूड़ा जलाने और मलबा डंपिंग के नुकसान बताए गए। घर में कचरा अलग करने की जानकारी दी गई। खुले में कूड़ा जलाने से सांस की बीमारियां बढ़ती हैं। मलबे को सही जगह फेंकने के तरीके समझाए गए।

gurgaon firsts initiative to stop garbage burning and illegal dumping in gurgaon

n NBT न्यूज, गुड़गांव : शहर में बढ़ते प्रदूषण और वेस्ट मैनेजमेंट की चुनौतियों से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही नहीं, नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। इसी सोच के साथ गुड़गांव फर्स्ट संस्था ने वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टिट्यूट इंडिया के सहयोग से पिछले दो महीनों के दौरान सात कम्युनिटी वर्कशॉप का आयोजन किया। इसमें लोगों को कूड़ा जलाने और निर्माण एवं ध्वस्तीकरण वेस्ट की अवैध डंपिंग जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया।

ये कार्यशालाएं शहर के अलग-अलग आरडब्ल्यूए, स्कूलों, प्रशिक्षण केंद्रों और मानेसर स्थित गांव गढ़ी हरसरू में आयोजित की गईं। इनमें स्थानीय निवासी, विद्यार्थी व शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान घर में वेस्ट सेग्रीगेशन की प्रक्रिया समझाई गई। बताया गया कि खुले में कूड़ा जलाने से हवा की गुणवत्ता खराब होती है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। निर्माण और ध्वस्तीकरण से निकले मलबे को पब्लिक प्लेस पर फेंकने की जगह तय प्रक्रिया के तहत डिस्पोज करना बताया। गुड़गांव फर्स्ट की शुभ्रा पुरी ने लोगों को छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव अपनाने, निगरानी बढ़ाने और अपने आसपास कचरा जलाने या अवैध डंपिंग की सूचना देने के लिए प्रेरित किया।